मंझनपुर। पइंसा कोतवाली पुलिस ने गुरुवार शाम अष्टधातु की चोरी की एक मूर्ति के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद मूर्ति की कीमत करीब दस लाख बताई जा रही है। तस्कर मूर्ति को बेचने इलाहाबाद जा रहे थे। हालांकि उनके पास मूर्ति कैसे आई ? इस बारे में पुलिस कुछ भी नहीं बता पा रही है। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पइंसा एसओ विजय कुशवाहा गुरुवार शाम गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि नारा मोड़ से होकर मूर्ति तस्कर गुजरने वाले हैं। खबर मिलते ही फोर्स के साथ नारा मोड़ पर उन्होंने घेराबंदी कर दी। इस दौरान कमलेश कुमार पुत्र सूरजबली निवासी लौढ़िया खुर्द थाना कर्वी, इसी थानाक्षेत्र के कसहाई गांव निवासी अखिलेश रैदास पुत्र गोरेलाल, शिवप्रताप सोनी पुत्र लालमणि सोनी व संजय सिंह पटेल पुत्र सिपाही लाल निवासी उरई थाना धाता फतेहपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को दुर्गा भाभी सभागार में पत्रकार वार्ता में एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि तस्करों के पास से करीब दस लाख की वाराह भगवान की अष्टधातु की एक मूर्ति बरामद की गई है। तस्कर मूर्ति को बेचने इलाहाबाद जा रहे रहे थे। इलाहाबाद में वह किसके हाथ मूर्ति बेचते ? मूर्ति कहां से चोरी की गई ? तस्करों ने खुद चुराई अथवा किसी से खरीदी ? इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस नहीं दे सकी।