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योगी का फरमान फेल, एक्सईएन का नियम लागू

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सीएम की नहीं सुन रहे एक्सईएन
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48 तो दूर 480 घंटे में भी नहीं बदले जा रहे ट्रांसफार्मर
भीषण गर्मी व धान की रोपाई के मौके पर ट्रांसफार्मर न मिलने से उपभोक्ता बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने के संबंध में दिया गया फरमान फेल हो गया है। एक्सईएन वर्कशॉप ने ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए नया नियम लागू कर दिया है। एक्सईएन के नियम से अब उपभोक्ताओं का ट्रांसफार्मर 48 की जगह 480 घंटे में भी बदलना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर जिले के नलकूप व घरेलू बत्ती के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
जुलाई माह में धान की रोपाई शुरू होते ही ट्रांसफार्मरों के फुंकने का सिलसिला तेज हो गया। पिछले सप्ताह जिले भर में हुई झमाझम बारिश से इसमें और इजाफा हो गया। तेजी से फुंके ट्रांसफार्मरों की तुलना में वर्कशॉप से मरम्मत न हो पाने के कारण जिले में ट्रांसफार्मरों की पेंडेंसी डेढ़ सौ के पार हो गई है। पेंडेंसी बढ़ने पर ट्रांसफार्मर लेने के लिए उपभोक्ताओं में मारामारी देख एकसईएन वर्कशॉप मो. तारिक जलील ने सूबे के मुख्यमंत्री के फरमान को रद कर दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर वितरण के लिए नया नियम लागू करते हुए 1912 टोल-फ्री नंबर पर दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया। इससे वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर जमाकर मिलने की बाट जोह रहे उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा। एक्सईएन के नए नियम लागू होने के बाद घर बैठकर मोबाइल से शिकायत करने वालों की तो चांदी हो गई पर वर्कशॉप का चक्कर काटने वाले उपभोक्ता औंधे मुंह गिर गए। मामले की शिकायत बुधवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा से हुई तो उन्होंने एसडीएम सदर लालजी मिश्र को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया। हिदायत दी कि उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में जमा करने की प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराया जाय। बहरहाल एक्सईएन के नए नियम से वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर जमा कर मिलने का इंतजार करने वालों उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई है। ऐसे में योगी के 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदले जाने के आदेश पर एक्सईएन का 480 घंटे वाला फरमान भारी पड़ रहा है।
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दिन भर नहीं लगता टोल फ्री नम्बर
ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद उपभोक्ता सबसे पहले टोल-फ्री नंबर पर ही ट्रायल करता है। एक-दो दिन में जब उसकी शिकायत दर्ज करने के लिए टोल-फ्री नंबर नहीं लगता तो वह थक हारकर निजी वाहन से ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशॉप पहुंचता है। यहां पर उपभोक्ता का ट्रांसफार्मर उतार तो लिया जा रहा है पर दूसरा ट्रांसफार्मर मुहैया नहीं कराया जाता। विभागीय लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को महीने भर बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं मिल पा रहे हैं। एक्सईएन के नए नियम को लेकर उपभोक्ता गुस्से में उबल रहे हैं।

बगैर मरम्मत के ही कर दी जा रही डिलेवरी
वर्कशॉप में तैनात कर्मचारी ट्रांसफार्मर मरम्मत में बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। इसका खुलासा बसोहनी गांव के पूर्व प्रधान संतलाल ने किया। उन्होंने नलकूप का फुंका ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में जमा किया। पहले तो जिम्मेदारों ने ट्रांसफार्मर लेने से ही मना कर दिया। बाद में उच्चाधिकारियों का दबाव बढ़ा तो ट्रांसफार्मर जमा कर लिया। सप्ताह भर बाद बगैर मरम्मत किए ही उपभोक्ता को ट्रांसफार्मर दे दिया गया। नलकूप में ट्रांसफार्मर लगाने के बाद जब चेक किया गया तो दो फेज ही बिजली दे रहा था। इस पर उपभोक्ता ने मंगलवार शाम मरम्मत के लिए ट्रांसफार्मर पुन: जमा किया।
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वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर जमा होने के बाद प्राथमिकता सूची बननी चाहिए। शासन ने भी यही फरमान जारी कर रखा है। ट्रांसफार्मर के कागजात बनाना व टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराना संबंधित जेई का काम है। यदि इससे हटकर ट्रांसफार्मर वितरण किया जा रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम
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