बिना पंजीयन क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सकेंगे गेहूं
एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी गेहूं की खरीद, खोले जाएंगे 35 क्रय केंद्र
किसी भी जनसुविधा केंद्र अथवा साइबर कैफे से पंजीयन करा सकते हैं किसान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जनपद में गेहूं की खरीद के लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। एक अप्रैल से होने वाली खरीद के लिए जिले में करीब 35 केंद्र बनाए गए हैं। इस बार खास यह है कि बिना पंजीयन के किसान गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं बेच सक ते। पंजीयन किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे से किया जा सकता है।
जिले में रबी की मुख्य फसल गेहूं की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। यहां के तकरीबन 2.18 लाख किसानों में अधिकतर किसान गेहूं की खेती करते हैं। किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से क्रय केंद्र खोले जाते हैं। इस बार भी जिले में विभिन्न संस्थाओं के 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों पर बिकने वाले गेहूं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की है। किसानों को पंजीयन के लिए एफसीएस डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर खतौनी नंबर, पहचान प्रमाण पत्र, खसरा के आधार पर जमीन में अपना हिस्सा तथा उसमें बोए गए गेहूं का क्षेत्रफल दर्शाना होगा। किसान जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे या खुद ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए विभाग ने पंजीकृत किसानों के मोबाइल नंबर पर संदेश भेजने की व्यवस्था की है। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि अब तक आधे से अधिक किसानों को जल्द से जल्द पंजीयन कराने का मैसेज भेजा भी जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
वर्जन
गेहूं खरीद के लिए जिले में फिलहाल 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें और इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से होने वाली खरीद के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। बगैर पंजीयन के किसानों की उपज नहीं खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
अंशुमाली शंकर-डिप्टी आरएमओ