अब मोबाइल एप पर किसान जान सकेंगे अपनी माटी का हाल
एक लाख 52 हजार किसानों का कार्ड किया गया ऑनलाइन
15 हजार नमूनों की कृषि विभाग ने कराया था परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दोआबा के किसान अपने खेत की माटी का हाल अब मोबाइल पर भी जान सकेंगे। कृषि विभाग से बनाए गए मृदा हेल्थ कार्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। जिले के एक लाख 52 हजार किसानों का कार्ड जारी किया गया है। अभियान में जो किसान बचे हैं उनका हेल्थ कार्ड गेहूं की फसल कटने के बाद जारी किया जाएगा।
रासायनिक उर्वरक के अंधाधुंध प्रयोग से जिले की माटी उर्वरा क्षमता खोती जा रही है। इसे लेकर सरकार ने किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड जारी करने का निर्देश दिया है। इसके तहत ढाई हेक्टेयर खेत समूह के मिट्टी की प्रयोगशाला में जांच करके उस भूखंड के किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड जारी करना है। इसका मकसद यह था कि किसान अपनी माटी की सेहत जान सकें और खेत की क्षमता के हिसाब से ही खेतों में उर्वरक डालें। जमीन में जिस तत्व की कमी पाई जाए, उस तरह की उर्वरक डाला जाए। कृषि विभाग के आंकड़ों माने तो 15 हजार नमूनों की जांच किया गया है। जिसके तहत एक लाख 52 हजार किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड बनाए गए हैं। इन सभी हेल्थ कार्ड को ऑन लाइन किया जा रहा है। किसान अगर चाहें तो अपने मोबाइल में कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने कार्ड के बारे में जानकारी ले सकते हैँ। सारी रिपोर्ट इंटरनेट पर अपलोड की जा रही है। इस बाबत उप निदेशक कृषि उदयभान का कहना है कि किसानों के लिए मौके पर जाकर उनके खेतों की मिट्टी का परीक्षण किया गया है। किसानों के खेतों की जांच नहीं हो सकी है गेहूं की फसल कटने के बाद उनके खेत की मिट्टी का परीक्षण किया जाएगा।
किसानों का आरोप जगह बैठे होता है खेल
मंझनपुर। मिट्टी के परीक्षण का जिम्मा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के पास है। सिराथू और कड़ा विकास खंड का परीक्षण सिराथू स्थित प्रयोगशाला में होता है। जबकि अन्य छह ब्लाकों की मिट्टी मुख्यालय स्थित प्रयोगशाला में जांच जाती है। सिराथू विकास खंड के निजामपुर नौगीरा गांव निवासी किसान सुशील कुमार श्रीवास्तव, शिवाकांत शुक्ला, मनोज त्रिपाठी आदि का कहना है कि उनका गांव देवखरपुर न्याय पंचायत में आता है। गांव में कृषि विभाग की तरफ से कोई भी मृदा परीक्षण करने नहीं आया।
सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के कर्मचारियों के भरोसे विभाग
मंझनपुर। मृदा परीक्षण के लिए विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं है। इसे लेकर रामा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड से कान्टेक्ट पर लिए गए हैं। सूत्रों की माने तो इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे जिले के किसानों की मिट्टी जांचने का जिम्मा दे दिया गया है। यह कर्मचारी कुछ जगह से गए लेकिन कुछ स्थानों से फर्जी रिपोर्टिंग करके जांच का दावा किया जा रहा है। इस बाबत भूमि परीक्षण प्रयोगशाला मंझनपुर के प्रभारी राजेंद्र मौर्या का कहना है कि सेवा प्रदाता कंपनी से कर्मचारी सिर्फ सहयोग के लिए हैं। विभाग के कर्मचारी खुद गांव जाकर भूमि का परीक्षण करते हैं।