फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्घाटन के बाद से बंद पड़े 78 स्वास्थ्य उपकेंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
लोगों को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री ने बीते पांच दिसंबर को जिले को 78 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का तोहफा दिया था। किराए के भवन में चलने वाले इन उपकेंद्रों का उद्घाटन वर्चुअल विधि से करने के बाद कहा था कि अब ग्रामीणों को मामूली रूप से बीमार होने पर पीएचसी/ सीएचसी या जिला अस्पताल नहीं जाना होगा। उद्घाटन के पखवाड़े भर बाद भी इन केंद्रों पर ताला बंद होने से ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच दिसंबर को लखनऊ से सूबे के पांच हजार नए उपस्वास्थ्य केंद्रों का ऑनलाइन लोकार्पण किया था। इस लोकार्पण में जिले को 78 उपकेंद्र शामिल थे। किराए के भवन में चलने वाले इन उपकेंद्रों के उद्घाटन अवसर पर भवन के बाहर उपकेंद्र संकेतांक बोर्ड भी लगाया गया था। अधिकांश केंद्रों पर यह बोर्ड अब नदारद हैं। जिन गांवों में इन केंद्रों को खोला गया है, वहां के ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाने की ही जानकारी नहीं है। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि इन उपकेंद्रों पर किस तरह के रोगों का इलाज होगा।
कौन इसका संचालन करेगा, दवा भी मिलेगी या नहीं। अस्पताल का उद्घाटन के पखवाड़े भर भी इन केंद्रों पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। न ही सीएचसी का कोई स्टाफ समय से आकर इन स्वास्थ्य केंद्रों को खोलता और बंद करता है। उपकेंद्रों के संकेतांक बोर्ड भी बाहर नहीं लगाए गए हैं। कहा गया था कि इन स्वास्थ उपकेंद्र पर टीकाकरण के साथ प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। कड़ा के सिपाह हब्बूनगर निवासी राधेश्याम ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र तो गांव में खुला लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं है। उद्घाटन के बाद से कोई नहीं आया। बाहर बोर्ड भी नहीं लगाया है। कनवार निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि पांच दिसंबर को कुछ लोग गांव में आए थे।
विज्ञापन

फोटो खिंचा कर लौट गए। बाद में पता लगा कि गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र खुल गया है। लेकिन उसके बाद से ताला बंद रहता है। कोखराज निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी भवन में उपकेंद्र खोला गया है। हालांकि केंद्र का बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। नेवादा ब्लॉक के बिरनेर निवासी बाबूलाल का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से पहले स्टॉफ की तैनाती करना चाहिए था। स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के बगैर अस्पताल खोल दिए गए। उद्घाटन के बाद से ताला ही लगा है।
मुख्यमंत्री ने पांच दिसंबर को जिले के 78 उप स्वास्थ्य केंद्रों का वर्चुअल लोकार्पण किया था। उपकेंद्र पर जरूरी संसाधन पहुंचा दिए गए हैं। जिले में एएनएम की कमी है। जल्द ही एएनएम की नियुक्ति कर उपकेंद्रों का नियमित संचालन करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

डॉ. केसी राय-सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें