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आखिर ‘निर्भया’ कब बनेगी ‘शक्ति’

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आखिर ‘निर्भया’ कब बनेगी ‘शक्ति’
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देश के सबसे बड़े चुनाव में महिला सुरक्षा नहीं बन रहा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नवरात्र के पर्व पर घर-घर में आदि शक्ति की पूजा-अराधना की जा रही है। दूसरी ओर देश में इन दिनों सबसे बड़ी पंचायत का चुनाव चल रहा है। जात-पांत से लेकर सड़क, सफाई, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मुद्दों की तो यदा-कदा चर्चा हो रही है। मगर, अहम मुद्दा नारी सुरक्षा को लेकर नेताओं की जुबान में ताला है। जबकि कौशाम्बी सरीखे पिछड़े जिले में आधी आबादी की सुरक्षा नहीं है। यहां हर रोज बहू-बेटियों की अस्मिता तार-तार हो रही है। इसके बावजूद कोई नेता इस मुद्दे पर संवेदनशील नहीं दिख रहा है। आधी आबादी सिस्टम के सहारे चल रही है। सिस्टम जो चाहे, जैसा चाहे इंसाफ दे अथवा दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर करे। पीड़ित को उसी के सहारे रहना पड़ता है। ऐसे में नवरात्र में आदि शक्ति की पूजा तब तक बेमानी है, जब तक कि निर्भया शक्ति का रूप न ले ले।
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एंटी रोमियो और वीमेन पावर लाइन का हाल
दिल्ली के निर्भया कांड के बाद देश के कानून में बदलाव हुए। घूरने व पीछा करने तक पर कड़ा कानून बना। इसी तरह जिला व थाना स्तर पर एंटी रोमियो स्क्वाड गठित है। एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि उनकी पुलिस टीम शिक्षण संस्थानों में जाकर छात्राओं, युवतियों को जागरूकता के टिप्स देती है। उनका मानना है कि सीधे शिकायतें थाने या 1090 पर पहुंचती हैं, इसलिए एंटी रोमियो स्क्वाड तक शिकायत नहीं पहुंचती है।
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निर्भया फंड में नहीं मिला एक भी धेला, न आया एक भी केस
दुष्कर्म पीड़ित व आश्रितों के पुनर्वास के लिए दस लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। जिला प्रोबेशन अधिकारी शैलेश राय ने बताया कि योजना के तहत दोआबा में पूरे साल भर के दौरान एक भी केस नहीं आया है। इस वजह से कोई बजट भी नहीं मिला है।
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इस सिस्टम के सहारे महिला सुरक्षा-
1090 वीमेन पावर लाइन यूपी पुलिस की महत्वाकांक्षी योजना
एंटी रोमियो स्क्वाड जिला और हर थाना स्तर पर सक्रिय
निर्भया फंड के जरिए आधी अधूरी-सुविधाओं का दावा
घरेलू हिंसा से निपटने के लिए पुलिस व कोर्ट में मीडिएशन सेंटर
मीडिएशन में पहले सुलह का प्रयास, फिर मुकदमे की होती बात
पुलिस तक पहुंचती शिकायतें
पुलिस अफसरों के पास तकरीबन आधा दर्जन घरेलू हिंसा की शिकायतें प्रतिदिन पहुंचती हैं।
दो-तीन महिला उत्पीड़न के मुकदमे रोजाना थानों में हो रहे दर्ज
विभिन्न प्रकार की दो से पांच शिकायतें वीमेंन पावर लाइन में भी जिले से होती हैं दर्ज।
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