फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधान का नाम नहीं लिख सकी आशा, हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधान का नाम नहीं लिख सकी आशा, हंगामा
विज्ञापन

- सप्ताह भर पहले किया गया था चयन, डीएम के आदेश पर दोबारा कराई गई खुली बैठक
फोटो नं-9
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सप्ताह भर पहले अफसरों ने जिस आशा कार्यकर्ता का चयन किया वह गांव की खुली बैठक में प्रधान का नाम तक नहीं लिख सकी। दूसरी आशा कार्यकर्ता ने नाम लिखने में मदद की तो अन्य अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। नतीजतन बैठक में शामिल अफसर वापस लौट आए।
विज्ञापन

मूरतगंज विकास खंड के परऊ मियां का पूरा गांव में एक सप्ताह पहले कौशिल्या यादव का आशा के पद पर खुली बैठक में चयन किया गया था। कौशिल्या के साथ रही आवेदक शोभा और आशा देवी का कहना है कि फर्जी अंक पत्र के आधार पर नियुक्ति की जा रही है। एएनएम सावित्री यादव पर आरोप लगाया गया कि उसने रिश्वत लेकर निरक्षर कौशिल्या का आशा के पद पर फर्जी अंक पत्र के सहारे चयन कराया। मामले की शिकायत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से की गई। शनिवार को डीएम के निर्देश पर डीसीपीएम संजय कुमार और मूरतगंज के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुनील गांव पहुंचे। दोबारा बैठक कराई गई। बैठक में मौजूद प्रधान रोशन लाल ने चयनित आशा कौशिल्या के अंक पत्र की हकीकत जानने के लिए अपना नाम लिखकर देने के लिए कहा। कौशिल्या प्रधान का नाम नहीं लिख पा रही थी। इस बीच दूसरी आशा ने कौशिल्या की मदद की तो अन्य अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। अफसरों ने मामले का शांत कराने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। अंत में अफसर वापस लौट आए। इस बाबत मूरतगंज के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुनील का कहना है कि वह लोग अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे। डीएम ही मामले में कोई फैसला लेंगे। फिलहाल बैठक की औपचारिकता पूरी नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें