मंझनपुर/सिराथू। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि किताबों में दर्ज इतिहास अधूरा है, इसमें सुधार की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी आधुनिक इतिहास से परिचित हो सके। राज्यपाल ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी घटनाओं को कांड व बगावत जैसे शब्दों से जोड़ने के बजाय उसे अभियान कहने का सुझाव दिया।
राज्यपाल गुरुवार को कौशाम्बी में क्रांतिकारी दुर्गा भाभी की जन्मस्थली शहजादपुर गांव में कौशाम्बी विकास परिषद की ओर से आयोजित शहीद स्मारक लोकार्पण एवं सैनिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थेे। उन्होंने कहा कि मौजूदा इतिहास में तमाम अहम बातों का उल्लेख ही नहीं है। इसलिए नई पीढ़ी इससे बेजार है। कहा कि लोग स्मारक बनवाते हैं पर उसकी देखरेख नहीं करते। नतीजतन, वक्त गुजरने के साथ ही स्मारक खंडहर में तब्दील हो जाते हैं। इसलिए स्मारकों का रखरखाव व देखरेख मंदिर, मस्जिद, चर्च और गिरजाघर जैसे इबादतगाहों की तरह करनी चाहिए।
राज्यपाल ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े काकोरी ‘ कांड ’1857 की ‘ बगावत’ आदि शब्दों पर आपत्ति जताई। बोले ‘ कांड ’और ‘बगावत’ आदि शब्द बोलने व सुनने में खराब लगते हैं।
इसलिए इनकी जगह काकोरी रेल अभियान और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम कहा जाए तो बेहतर होगा। वीरांगना दुर्गा भाभी द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में किए गए अभूतपूर्व योगदान का बखान करते हुए कहा कि जंग-ए-आजादी में शहीद हुए सैनिकों व उनके परिवारों का सम्मान करना चाहिए। चरैव इति, चरैव इति को परिभाषित करते हुए राम नाईक ने कहा कि हम सभी को देश व प्रदेश की तरक्की के लिए निरंतर चलते रहने की जरूरत है। उन्होंने 2019 में इलाहाबाद में लगने वाले कुंभ को अद्वितीय बताया। बोले संस्कृति हमारे देश की ताकत है। इसी संस्कृति को निहारने के लिए देश-दुनिया के कारोड़ों लोग प्रयाग की धरती पर इकट्ठा होंगे। यह एक बड़े गौरव की बात होगी। समारोह को परिषद के अध्यक्ष विनोद सोनकर, विधायक सदर लाल बहादुर और विधायक सिराथू शीतला प्रसाद पटेल ने भी संबोधित किया।