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42 दिन से भूखे पेट लौट रहे नौनिहाल

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42 दिन से बच्चों को नहीं मिल रहा दोपहर का भोजन
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- एबीएसए के निरीक्षण में सामने आई गांधीनगर स्कूल की हकीकत
- ड्यूटी से प्रभारी सहित दो सहायक अध्यापक गायब
फोटो नं-1 से 5
मंझनपुर (ब्यूरो)। द्वाबा की बुनियादी शिक्षा बेपटरी हो गई है। शुक्रवार को इसकी बानगी मुख्यालय मंझनपुर स्थित गांधीनगर प्राथमिक विद्यालय में साफ देखी गई। स्कूल में तैनात इंचार्ज समेत दोनों सहायक अध्यापक ड्यूटी से गायब मिले। 42 दिन से स्कूल में दोपहर का भोजन बच्चों को नहीं मिला।
तमाम प्रशासनिक कवायद के बावजूद जिले के परिषदीय स्कूलों की हालत में सुधार नहीं आ रहा है। शुक्रवार को शिकायत के बाद बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी (एबीएसए) अविनाश सिंह ने प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर मंझनपुर के निरीक्षण किया। दोपहर 12 बजे स्कूल पहुंचे एबीएसए ने पाया कि वहां तैनात प्रभारी अध्यापक प्रतिमा चौधरी, सहायक अध्यापक ममता देवी तथा अशर्फी लाल ड्यूटी से गायब थे। बताया गया कि प्रभारी अध्यापक अक्सर ऐसा करती हैं। मौके पर सिर्फ शिक्षामित्र दिनेश पाल व रीना अग्रहरि ही बच्चों को पढ़ाती दिखीं। 139 पंजीकृत छात्रों में से 81 बच्चे उपस्थित थे। यह भी पता चला कि यहां 42 दिन से एमडीएम बना ही नहीं है। बच्चे भूखे पेट घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। विद्यालय की फर्स टूटी होने के कारण नौनिहालों को खुले आसमान में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।
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स्कूल का शौचालय ध्वस्त, नहीं बना एमडीएम शेड
एक तरफ जिले को ओडीएफ करने की कवायद की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यालय मंझनपुर स्थित प्राइमरी स्कूल का शौचालय ध्वस्त पड़ा है। नौनिहालों को खुले में शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। दूसरी तरफ स्कूल में एमडीएम शेड का भी निर्माण नहीं कराया गया है। ऐसे में दोपहर का भोजन शिक्षण कक्ष में बनाया जाता है।
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क्या कहते हैं अफसर
शिकायत और बीएसए के निर्देश पर गांधीनगर स्कूल का निरीक्षण किया गया। विद्यालय में तमाम खामियां मिली हैं। रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई उन्हीं के निर्देश पर की जाएगी।
अविनाश सिंह-एबीएसए-मंझनपुर
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