शीतगृह मालिकों के लिए आफत बना तीन हजार मीट्रिक टन आलू
कोल्ड स्टोरों में सड़ रहा एक हजार मीट्रिक टन आलू, फेंकने को नहीं मिल रही जगह
डीएचओ ने कोल्ड स्टोर मालिकों को जारी किया पत्र
खबर का असर
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अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। आलू की कीमतों में आई मंदी ने किसानों के साथ-साथ कोल्ड स्टोर मालिकों को भी खासी चपत लगाया है। किराया नहीं निकलने पर किसानों ने लगभग तीन हजार मीट्रिक टन आलू शीत गृहों में ही छोड़ दिया है। सीजन खत्म होने के बाद यह आलू कोल्ड स्टोर में सड़ने लगा है। इसे बस्ती के आस-पास फेंके जाने को लेकर सोमवार को डीएचओ ने पत्र जारी किया तो हड़कंप मच गया। अब सड़ रहे आलू को ठिकाने लगाने में कोल्ड स्टोर मालिकों को पसीना छूट रहा है।
जिले के आठ कोल्ड स्टोर में किसानों का लगभग 30 हजार मीट्रिक टन आलू डंप था। किसानों का मानना था कि बुवाई के समय इसकी कीमत में इजाफा होगा। पर, मंदी ने किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। किसानों को प्रति कुंतल आलू की उतनी कीमत भी नहीं मिल रही थी जितना की कोल्ड स्टोर का किराया है। इसके चलते 50 फीसदी किसानों ने निर्धारित तिथि तक अपना आलू कोल्ड स्टोर से नहीं उठाया। कोल्ड स्टोर मालिकों ने लगभग चालीस फीसदी आलू औने-पौने दाम में सेटिंग कर मंडी भेज दिया। लगभग दस फीसदी तीन हजार मीट्रिक टन आलू आज भी कोल्ड स्टोरों में डंप है। इनमें एक हजार मीट्रिक टन आलू सड़ चुका है। शनिवार की रात एक कोल्ड स्टोर मालिक ने तीन ट्रैक्टर ट्राली आलू अटसराय गांव के समीप हाइवे पर फेंकवा दिया। इससे फैल रही सड़ांध की खबर को ‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का असर रहा कि जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने आठों कोल्ड स्टोर मालिकों को पत्र जारी कर दिया। हिदायत दिया कि कोई भी स्टोर मालिक सड़ा हुआ आलू बस्तियों के आस-पास नहीं फेंकेगा। बचे हुए आलू को तब तक शीतगृह से बाहर न निकालें जब तक उसकी बिक्री नहीं हो जाती। डीएचओ का पत्र जारी होने के बाद कोल्ड स्टोर मालिक सकते में आ गए हैं। सोमवार को किसी भी कोल्ड स्टोर से एक ट्रैक्टर आलू बाहर नहीं निकल सका। ऐसे में कोल्ड स्टोर में सड़ रहा किसानों का आलू शीतगृह मालिकों के लिए मुसीबत बन गया है।
जिला जेल में खप सकती है डंप आलू
बिक्री न होने से कोल्ड स्टोर में लगभग दो हजार मीट्रिक टन आलू अभी सुरक्षित है। बिक्री न होने से कोल्ड स्टोर खाली नहीं हो पा रहे हैं। इसकी जानकारी जिला जेल के जिम्मेदारों को हुई तो उनके द्वारा डीएचओ से संपर्क किया गया है। माना जा रहा है कि अब कोल्ड स्टोर में बची हुई किसानों की आलू जिला जेल को औने-पौने दामों में मुहैया कराई जाएगी।
नई आलू भी बिगाड़ रही किसानों की सेहत
जिले में नए आलू की खेप निकलना शुरू हो गई है। पुराने आलू की मंडियों में भरमार होने से नए का भाव नहीं चढ़ पा रहा है। बाजार में आठ से दस रुपए प्र्रति किलो नया आलू बिक रहा है। ऐसे में मिठास भरे पुराने आलू की खरीद भी कम हो गई है। नई पैदावार में भी किसानों को रकम निकालना मुश्किल पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के आठ कोल्ड स्टोर में लगभग तीन हजार मीट्रिक टन आलू बचा हुआ है। इसमें से एक हजार मीट्रिक टन सड़ने का अंदेशा है। सड़ा आलू बस्ती के आस-पास न फेंका जाय इसके लिए कोल्ड स्टोर मालिकों को पत्र लिखकर कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मेवाराम, डीएचओ