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30 दिन बाद हुई शव की पहचान

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चरवा। रेलवे के कीमैन संजय सिंह की लालच की वजह से एक शव की शिनाख्त होने में महीने भर का वक्त लग गया। दरअसल युवक की मौत के बाद कीमैन ने उसका मोबाइल चोरी कर लिया था। युवक के घरवालों की तहरीर पर पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो घटना का खुलासा हो गया।
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चरवा कोतवाली के सैयद सरावां के पास दो सितंबर को रेलवे लाइन पर एक युवक की लाश मिली थी। घटना की जानकारी रेलवे के कीमैन संजय सिंह ने पुलिस और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दी। घटना जीआरपी क्षेत्र की होने के नाते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जीआरपी सिराथू ने शव की शिनाख्त नहीं होने पर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर चरवा थाने के पहाड़पुर गांव का सुहेल कुमार पटेल (22) पुत्र गया प्रसाद भी दो सितंबर से गायब था। सुहेल पड़ोसी गांव बबुरा में कोचिंग पढ़ाता था। घटना वाले दिन भी वह कोचिंग पढ़ाने गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान सुहेल की मां प्रेमा देवी ने 15 सितंबर को चरवा में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने सुहेल का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा रखा था। बुधवार को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कीमैन संजय सिंह को गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद कर लिया।

संजय ने पुलिस को बताया कि मोबाइल देखकर उसे लालच आ गई थी। मोबाइल का सिम उसने निकाल कर तोड़ दिया था। तीन दिन पहले पासवर्ड तोड़वाने के बाद उसमें नया सिम कार्ड लगाया था। घटना की जानकारी के बाद सुहेल की मां प्रेमी देवी कोतवाली पहुंची। पुलिस को उन्होंने संजय के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि रेलवेकर्मी की वजह से यह पता नहीं चल सका कि उसके बेटे की मौत कैसे हुई है। पुलिस ने लावारिस की तरह लाश का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं सीओ चायल का कहना है कि रेलवे के कीमैन के पास से मृतक का मोबाइल मिलने की जानकारी नहीं है। चरवा पुलिस से बात कर मामले की जानकारी की जाएगी। अगर ऐसा है तो विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।-राजकुमार त्रिपाठी, सीओ चायल
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