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Kaushambi News: 53 ने नहीं बनवाया पीएम आवास, किसी ने पलायन, तो किसी ने खर्च कर दी रकम

Sun, 20 Jul 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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कोतारी प​श्चिम में बना प्रधानमंत्री आवास-संवाद
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मंझनपुर। जिले के गरीब परिवार के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से अपनी छत देना था। जिले के 53 लोग ऐसे हैं जिनको आवास योजना का लाभ तो मिला लेकिन उन्होंने किसी न किसी कारण से निर्माण नहीं कराया। अधिकांश आवास महिलाओं के नाम पर थे। ऐसे में कुछ ने निर्माण की धनराशि दूसरे काम में खर्च कर दी, तो कई परिवार के साथ पलायन कर गईं। अब विभाग पत्राचार कर रहा है लेकिन न तो कोई जवाब मिल रहा है और न ही निर्माण पूरा किया गया है।
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जिले के आठ ब्लॉकों में 53 महिलाएं ऐसी हैं जिनके नाम पर प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत मिली थी लेकिन आज तक आवास का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इनमें तमाम परिवार ऐसे हैं जो दूसरे स्थान पर रहने चले गए। कई तो मृत हो गए। इसके कारण आवास अधूरे पड़े हैं। विभाग निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन सफलता नहीं मिली।
केस-1
कड़ा ब्लॉक के नवावां निवासी सुरसतिया के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत था। 2021-22 में इनको धनराशि मिलीं। वह कार्य शुरू कराती, इसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद से आवास का कार्य अधूरा पड़ा है। परिवार में इनके अलावा अन्य कोई सदस्य नहीं है। ऐसे में कार्य पूरा नहीं हो सका।
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केस-दो
मूरतगंज ब्लॉक के पट्टी परवेजाबाद गांव के निहोरे के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत था। 2016-17 में इनके नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत था। कार्य शुरू होता, इससे पहले ही इनकी मृत्यु हो गई। बेटा काम शुरू कराता इसी बीच उसकी भी मौत हो गई। बहू गांव में नहीं रहती। ऐसे में आवास का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
केस- तीन
नेवादा ब्लॉक के औधन निवासी चौरसिया के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत था। इनके खाते में पहली किश्त के रूप में 40 हजार की धनराशि भेजी गई। कार्य शुरू होने से पहले की वह किसी दूसरे के साथ चली गई। परिवार के अन्य लोगों के पास रुपये भी नहीं है कि वह निर्माण करा सके। ऐसे में यह कार्य भी अधूरा पड़ा है।
प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए जिन लोगों के खाते में धनराशि भेजी गई है उनको आवास निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निर्माण भी हो रहा है लेकिन योजना के शुभारंभ के बाद से 53 लोग ऐसे हैं जिनके नाम पर धनराशि जारी हो गई है मगर आवास का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इनकी जांच के बाद अलग-अलग कारण प्रकाश में आए हैं। इसकी जानकारी विभाग को दी जा चुकी है। - मनोज वर्मा, प्रभारी पीडी
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