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29 केंद्रों पर की जाएगी 52 हजार एमटी धान की खरीद

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29 केंद्रों पर की जाएगी 52 हजार एमटी धान की खरीद
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एक नवंबर से होगी पैदावार की खरीद, तैयारियों में जुटा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। प्रशासन ने सरकारी दर पर धान खरीदने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार जिले को करीब 52,250 हजार मीट्रिक टन (एमटी) धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 29 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों का ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में एक नवंबर से धान की खरीद प्रारंभ की जाएगी। सरकार ने धान की दोनों श्रेेणियों का अलग-अलग मूल्य निर्धारित कर दिया है। सामान्य धान 1815 एवं ग्रेड ए धान 1835 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। इसके लिए 29 एजेंसियों को नामित किया गया है। जिस किसान का विभागीय के पोर्टल पर पंजीकरण होगा उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा। इसलिए धान खरीदने के पूर्व पंजीकरण करना अनिवार्य है। यदि कोई कृषक बगैर पूर्व पंजीकरण के धान बेचने आता है तो धान खरीदने से पहले उसका पंजीकरण जिला स्तरीय अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी के सहयोग से कराया जाएगा। बताया कि प्रत्येक किसान को सीबीएस युक्त बैंक में खुलवाना आवश्यक है। पंजीकरण के समय किसान अपना बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड सावधानी पूर्वक भरें। ताकि, भुगतान में कोई परेशानी न हो। बताया कि बटाईदार का धान 100 क्विंटल से अधिक नहीं खरीदा जाएगा। शर्त यह भी है कि बटाईदार भू-स्वामी अथवा कृषक के गांव का ही होना चाहिए। इसके लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड अथवा लेखपाल के स्तर से जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा।
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किस एजेंसी के कितने खुलेंगे केंद्र
खाद्य विभाग-09
भारतीय खाद्य निगम-02
पीसीएफ- 08
यूपी एग्रो-03
कर्मचारी कल्याण निगम-05
यूपीएसएस-02
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कुल- 29 केंद्र
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अब तक हुए 300 पंजीकरण
मंझनपुर। पिछले साल जिले के तकरीबन साढ़े दस हजार किसानों ने केंद्र पहुंचकर समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा था। अब इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ कर दिया गया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि अब तक सिर्फ 300 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल से किसानों के मोबाइल पर मैसेज भेजवाया जा रहा है। इसके अलावा मंडी समितियों में बैनर व तहसीलों में आयोजित होने वाले समाधान दिवस पर विभाग का काउंटर लगाकर पंजीकरण कराने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
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