चायल। स्थानीय ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कसेंदा में शुक्रवार को विधिक साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया। इसमें बाल श्रम कानून और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर चर्चा की गई।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव कुलदीप सिंह ने लोगों को बालश्रम कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से जोखिम भरे काम कराना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर एक वर्ष तक का कारावास व दस से बीस हजार रुपये जुर्माना वसूला जा सकता है। शिविर में बाल विवाह को लेकर भी कानून की जानकारी दी गई। बताया कि लड़के व लड़की की उम्र 18 व 21 वर्ष से कम होने पर उनका विवाह कराने वाले लोग दंडित किए जाएंगे। इसमें दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि परीक्षण कराकर गर्भपात कराने को दंडनीय बताया। इस मौके पर नायब तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील प्रजापति, ग्राम प्रधान निगार अजीम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तलत अजीम, प्रधानाध्यापिका रश्मि तारा, नसरीन, रंजीत यादव, राधेश्याम यादव, संतोष कुमार और नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।