अपने ठेकेदारों को बालू बेचेगा यूपीडा
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट प्राधिकरण को मिले नंदा का पूरा में दो भूखंड
प्रदेश भर में सप्लाई करेगा यूपीडा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) अब निर्माण के लिए बालू नहीं खरीदेगा, बल्कि अपने ठेकेदारों को खुद बेचेगा। बालू की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने यमुना नदी में नंदा का पूरा गांव के सामने दो भूखंड यूपीडा को आवंटित कर दिए हैं। अब यूपीडा प्रदेश भर में अपने ठेकेदारों को रॉयल्टी दर पर बालू देगा।
प्रदेश में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराया जाता है। यह निर्माण कार्य संस्था ठेकेदारों के जरिए कराती है। बालू का टोटा होने पर निर्माण के दौरान ठेकेदारों को महंगी बालू खरीदनी पड़ता है। ठेके में निर्धारित रेट से अधिक कीमत की बालू लेने पर ठेकेदारों का बजट गड़बड़ा जाता है और निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो जाती है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में यूपिडा व एनएचआई को घाटों का आवंटन कर दिया है। जिले में यूपीडा को नंदा का पूरा स्थित 9/18 व 9/19 का आवंटित किया गया है। विभाग द्वारा निर्धारित रॉयल्टी की अदायगी कर यूपीडा जल्द ही इस घाट पर बालू का खनन कर अपने ठेकेदारों को बेचना शुरू कर देगा। सरकार के इस फैसले से अब यूपिडा के ठेकेदारों को बालू की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और नही उन्हें महंगी दर पर बालू खरीदनी होगी।
पट्टाधारकों को हो सकता है घाटा
शासन द्वारा जिले के नंदा का पूरा बालू घाट को यूपीडा के नाम कर दिया गया है। ऐसे में यूपीडा द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में लगने वाली बालू की खरीद अब प्राइवेट पट्टाधारकों से नहीं होगी। इसका सीधा असर बालू ठेकेदारों को होगा। उनकी बालू अब ज्यादातर प्राइवेट कारोबारी ही खरीदेंगे। ऐसे में करोड़ों रुपए में मिलने वाले जिले के यमुना बालू घाटों का पट्टा लेते समय कारोबारियों को बहुत ही सोचना होगा।