ई-केवाईसी समेत अन्य कार्यों में लापरवाही बरतने पर 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया गया। चायल के बाल विकास परियोजना अधिकारी सुशील कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। डीएम ने जिले में चल रहीं योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट राष्ट्रीय पोषण मिशन, ईकेवाईसी व आधार कार्ड वेरिफिकेशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, होम विजिट, आईजीआरएस, आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण आदि की समीक्षा बैठक थी। डीएम ने कहा कि प्राइवेट भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी सरकारी भवन में शिफ्ट कराएं। अफसरों से कहा कि आमतौर पर बंद रहने वाले केंद्रों का निरीक्षण कर स्वयं गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का वजन कराते हुए एनसीपी कार्ड मे दर्ज कराएं।
सभी सीडीपीओ से कहा कि संघर्षशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार प्रशिक्षित करते हुए उन्हें अपने व्यवहार में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करें।
होम विजिट के दौरान यह सुनिश्चित करें कि उस घर का बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र पर जरूर आए। सभी सुपरवाइजर पोषण ट्रैकर पर बच्चों की उपस्थित जरूर दर्ज करें। पोषण ट्रैकर नहीं चला पाने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिलाएं। सीडीपीओं यह सुनिश्चित करें कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्धारित पाठ्यक्रम के हिसाब से ही पढ़ाई हो।
बैठक में सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. संजय कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।