जिले की कानून व्यवस्था का निरीक्षण करने आए एडीजी जोन गुरुवार को एक्शन मोड में दिखे। लापरवाही मिलने पर उन्होंने एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट सहित पांच पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। एक महिला आरक्षी को लाइन का रास्ता दिखाया। नगर कोतवाल तथा दो दरोगाओं के खिलाफ जांच कराकर निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इससे पहले दुर्गा भाभी सभागार में समीक्षा बैठक कर मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। चेताया कि मनमानी करने पर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयागराज जोन) प्रेम प्रकाश बुधवार रात ही जिले में आ गए थे। रत्रि विश्राम के बाद सुबह सबसे पहले उन्होंने एसपी कार्यालय में विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। यहां अकाउंटेंट से पूछा कि प्रिंटर मशीन चल रही है अथवा नहीं ? अकाउंटेंट ने जवाब हां में दिया, जबकि मशीन खराब थी। इस पर एडीजी ने अकाउंटेंट मनोज कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। एसपी ऑफिस में कोविड हेल्थ डेस्क पर ड्यूटी पर रहीं महिला आरक्षी रितिका यादव व रत्ना कुमारी जांच करने का तरीका नहीं बता पाईं।
रितिका को निलंबित तो रत्ना को लाइन का रास्ता दिखाया। पुलिस कप्तान कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में एसपी अभिनंदन, एएसपी समर बहादुर तथा तीनों सर्किल के सीओ संग बैठक करते हुए निर्देश दिया कि टॉप-10 अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। गैंग लीडरों व सदस्यों की गिरफ्तारी करने, लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने, सक्रिय बदमाशों का गैंग रजिस्टर्ड कर कार्रवाई करने, महिला उत्पीड़न व आपराधिक घटनाएं रोकने, फरियादियों के साथ विनम्रता से पेश आने, सीयूूजी नम्बर 24 घंटे खुला रखने, मामूली मामलों में भी निरोधात्मक कार्रवाई करने आदि का निर्देश एडीजी ने दिया।
मंझनपुर कोतवाली का निरीक्षण करने के दौरान कोविड-19 हेल्प डेस्क में ड्यूटी पर रहे आरक्षी विनोद दुबे व सिमला देवी को भी थर्मल स्कैनिंग से जांच करने की सटीक जानकारी नहीं होने पर सस्पेंड कर दिया। अभिलेखों का रख-रखाव ठीक नहीं होने पर यहां के मुंशी को भी निलंबित कर दिया। शिकायती पत्रों का शीघ्र निस्तारण नहीं करने के आरोप में नगर कोतवाल मनीष कुमार पांडेय, दरोगा इंद्रकांत यादव और अरुण मौर्य को जांच कराकर निलंबित करने का निर्देश एसपी को दिया। एडीजी का पारा गरम देख मातहतों की घिग्घी बंधी रही। उनके जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। एडीजी ने मातहतों को कोविड-19 से बचते-बचाते हुए आपराधिक घटनाओं पर नकेल कसने की नसीहत दी है।
जनपद की कानून व्यवस्था का निरीक्षण करने आए एडीजी जोन की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। उन्होंने बाकायदे अपने बयान में नगर कोतवाल को लाइन हाजिर और दो दरोगाओं को निलंबित करने का दावा किया था। बाद में कार्रवाई एसपी ऑफिस के अकाउंटेंट सहित पांच पुलिस कर्मचारियों पर ही हुई। कोतवाल के साथ दोनों दरोगाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई क्यों वापस ली गई? इसे लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मामले में एसपी अभिनंदन का कहना है कि बाद में हकीकत की जानकारी मिलने पर एडीजी ने उन्हें नगर कोतवाल और दोनों उपनिरीक्षकों पर लगे आरोपों की जांच कराने के बाद कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
5 suspended in sp office- फोटो : KAUSHAMBI