शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में प्राप्त करीब 1249 आवेदनों में से 427 बच्चों को विभिन्न मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। शेष आवेदनों की जांच और आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि आरटीई के तहत कक्षा एक या प्री-प्राइमरी स्तर पर निजी विद्यालयों में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। चयनित विद्यार्थियों की फीस सरकार वहन करती है। इसमें अभिभावकों पर किसी प्रकार का आर्थिक भार नहीं पड़ता है।
जिला समन्वयक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करते हुए शनिवार तक 427 बच्चों को प्रवेश दिलाया जा चुका है। द्वितीय चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। अधिक से अधिक पात्र अभिभावक बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरटीई का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। निजी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को इस योजना से मदद मिलती है ।