पश्चिमशरीरा। महेवाघाट में यमुना नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत का काम प्रारंभ हो गया है। पुल को जोड़ने वाली प्लेटों के उभरे नट-बोल्ट को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर गिट्टी डालकर कुटाई कराई जा रही है।
गौरतलब हो कि मेहवाघाट में यमुना पर बने पुल से इलाहाबाद, फतेहपुर, कौशाम्बी, चित्रकूट, बांदा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की दूरी कम होने के कारण बड़ी संख्या में रोजाना तमाम वाहनों का आवागमन होता है। इससे पुल पर दबाव बढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुल को जोड़ने के लिए लगी प्लेटों के नट बोल्ट सड़क क्षतिग्रस्त होने से बाहर निकल आए । इससे लोग घायल हो जा रहे थे। इससे वाहनों के टायर भी फट जाते हैं। इस समस्या को अमर उजाला के 17 सितंबर के अंक में ‘महेवाघाट के यमुना पर हो सकता है हादसा’ शीर्षक से खबर छपी थी। इस पर लोक निर्माण विभाग की चित्रकूट इकाई ने दस दिन बाद ही पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। शनिवार को पुल पर गिट्टी-राबिस डलवाकर रोलर चलाया जा रहा था। अवर अभियंता केएस गौतम का कहना है कि प्रस्तावित राम वनगमन मार्ग के तहत पुल का चौड़ीकरण होना है। यह कार्य एनएचएआई को कराना है, लेकिन दिक्कत को देखते हुए विभाग ने ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।