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डार्कजोन में पानी बचाएगी स्प्रिंकलर सिंचाई

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डार्कजोन में पानी बचाएगी स्प्रिंकलर सिंचाई
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-अनुदान देकर सभी खेतों में योजना लागू करने की चल रही है पहल
-सिंचाई के संकट से जूझ रहे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। डार्क जोन का दंश भुगत रहे ब्लॉकों के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें फसलों की सिंचाई नई विधि से करने के लिए शासन से अनुदान दिया जाएगा। इसे जिले के सात ब्लॉकों के अतिदोहित क्षेत्रों में लागू कर पानी की बर्बादी को रोका जाएगा। विभाग ने किसानों को योजना से लाभान्वित करने के लिए पंजीयन शुरू कर दिया है।
जिले के नेवादा, चायल, मूरतगंज, कड़ा, सिराथू व मंझनपुर ब्लॉक पांच साल पहले डार्कजोन घोषित किए गए थे। इन ब्लॉकों में शासन द्वारा मध्यम व गहरी बोरिंग के अनुदान पर रोक लगा दी गई थी। इससे इलाके के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी के संकट से जूझना पड़ रहा था। किसानों की समस्या को देखते हुए शासन ने कृषि विभाग के माध्यम से कौशांबी को छोड़ सभी ब्लॉकों में स्प्रिंकलर सिंचाई योजना लागू करने की पहल शुरू की है। इस योजना से सिंचाई किए जाने में न केवल पानी की बचत होगी बल्कि किसानों की लागत भी कम आएगी। सिंचाई की नई विधि को सात ब्लॉकों में लागू करने के लिए शासन द्वारा अनुमानित लागत की 90 प्रतिशत धनराशि लघु व सीमांत एवं 80 प्रतिशत सामान्य कृषकों को बतौर अनुदान दी जाएगी। विभाग स्प्रिंकलर सिंचाई योजना का अनुदान देने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल (यूपीएग्रीकल्चर.कॉम) पर पंजीयन कराने का निर्देश दिया है। बहरहाल कुछ भी हो स्प्रिंकलर सिंचाई विधि खेतों में लागू होने के बाद पानी की बचत के साथ-साथ किसानों को लाभ भी अच्छा होगा।
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आधी से कम हो जाएगी फसलों के सिंचाई की लागत
स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली जिले में डार्कजोन का दंश भुगत रहे किसानों के लिए वरदान साबित होगी। सामान्य विधि से सिंचाई करने में किसानों को कम से कम पांच से सात सौ रुपए प्रति बीघा की दर से खर्च करना होता है। स्प्रिंकलर सिंचाई विधि से यह खर्च डेढ़ से दो सौ रुपए हो जाएगा। यानी कि सात ब्लॉकों में कम जलादोहन के साथ ही सिंचाई के खर्च में भी भारी कमी आएगी।


स्प्रिंकलर सिंचाई सेट में मिलेंगे यह उपकरण
किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई विधि अपनाने पर कृषि विभाग द्वारा सारा सामान मुहैया कराया जाएगा। इसमें स्प्रिंकलर सेट एवं अन्य सहवर्ती उपकरण शामिल होंगे। इसमें 110 मि.मी. एचडीपीई पाइप, एक पंपसेट (पांच से दस हार्स पावर का) शामिल होगा। विभाग ने प्रत्येक स्प्रिंकलर सेट की अनुमानित लागत 70 हजार रुपये मानी है।

105 किसानों को मिलेगा शुरुआती लाभ
स्प्रिंकलर सिंचाई का प्रयोग शुरुआत में विभाग द्वारा सात ब्लॉकों के 105 किसानों पर किया जाएगा। इसके लिए विभाग में पंजीयन कराने वाले किसानों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का लाभ शुरुआती दौर में प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
अतिदोहित, क्रिटिकल, सेमी क्रिटिकल ब्लॉकों स्प्रिंकलर सिंचाई किसानों के लिए वरदान होगी। प्रयोग के तौर पर 105 किसानों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई प्रणाली की सफलता पर आने वाले समय में लक्ष्य बढ़ाया जाएगा।
एसएस चौहान, उप कृषि निदेशक
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