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मेंहदी जुलूस में उमड़ा अकीदतमंदों का जन सैलाब

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मेंहदी जुलूस में उमड़े अकीदतमंद
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अमर उजाला ब्यूरो
करारी। इमाम हुसैन के भतीजे जनाबे कासिम की याद में ऐतिहासिक मेंहदी का जुलूस निकाला गया। इसमें अजादारों ने भीगी आंखों से ताबूत की जियारत की। जुलूस रात दस बजे निकलकर सुबह तक चला।
कस्बे में मुहर्रम की सातवीं तारीख को मेंहदी का जुलूस निकाला गया। अंसारगंज वार्ड स्थित इमाम बारगाह में मजलिस हुई। इसे मौलाना सरफराज अब्बास ने पढ़ी। मजलिस के बाद हजरत कासिम का ताबूत बरामद हुआ। मेंहदी जुलूस देखकर महिलाएं दहाड़ मारकर रोने लगीं। इस मौके पर गुलाम, पंजतन, जफरुल, अजादार और जहूर मेंहदी ने मर्सिया पढ़ा- सलामी मारने को कासिम चला, जो रन की तरफ, तो मां पुकारी की होते चलो दुल्हन की तरफ। इसके बाद नवजवानों ने जंजीर का मातम कर अकीदत के खून बहाए। उधर, चमनगंज के मीर वेलायत हुसैन के इमाम बारगाह फाटक में इमाम हुसैन का ताबूत बरामद हुआ। मजलिस मौलाना जमीर हैदर साहब ने पढ़ी। इसके बाद हमूद अहमद रिजवी ने नौहा पढ़ा- दश्त में बरपा महशर जैनब, निकलो न खैमे से बाहर जैनब। इस नौहे पर मातम किया गया। इसके बाद मरहूम कमर अब्बास के अजाखाने में मजलिस हुई। हजरत अब्बास का अलम और इमाम हुसैन का जुलजनाह बरामद हुआ। शोएब सलमान ने जियारत पढ़ाकर जुलूस खत्म किया। इसी तरह चायल में भी सातवीं का जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत जनाब आफताब हैदर ने मर्सिया पढ़कर की। उन्होंने पढ़ा कासिम से यह शह ने फरमाया भाई की निशानी जाने हसन, किस तरह तुझे दूं इज्ने वेगा भाई की निशानी जाने हसन। इसके बाद मौलाना जफर अब्बास गोरखपुरी ने जनाबे कासिम के मसायब बयान किए। उन्होंने पढ़ा कि हजरत कासिम चचा जान से रन में जाने की इजाजत मांग रहे हैं। मौला कहते हैं बेटा तुम मेरे भाई की निशानी हो, मैं तुम्हे कैसे रन में जाने की इजाजत दे दूं। कासिम ने कहा चचा जान वक्ते वफात बाबा ने मेरे बाजू पर एक ताबीज बांधी थी और कहा था कि जब बहुत सख्त मुसीबत पड़े तो इसको खोलना और उस पर अमल करना। इजाजत मिली रन में गए, तीन दिन के भूखे प्यासे ने जंग लड़ी। चारों तरफ से यजीदी लश्कर ने घेर लिया। कोई नेजा मारा तो किसी ने तीर मारा, किसी ने तलवार मारी। जनाबे कासिम तेवरा कर जमीन पर गिरे। अवाज दी बाबा मेरी खबर लीजिए। मसायब सुनते ही अजादार जारोकतार रोने लगे। अंजुमने अब्बासिया बड़ागांव के साहबे बयाज उस्मान अली ने अपने मखसूस अंदाज में नौहाख्वानी पेश की।
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जुुलूस निकालने को लेकर पुलिस से ताजियादारों की झड़प
-रास्ते से वाहनों के आवागमन पर जताई नाराजगी, चौकी इंचार्ज से हुई धक्कामुक्की
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। पिपरी थाना क्षेत्र के चायल में आठवीं का जुलूस निकालने के दौरान ताजियादारों से पुलिस की कहासुनी हो गई। नौबत मारपीट की बन आई थी। ताजियादार वाहनों के आवागमन का विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस वाहनों को रोकने के लिए तैयार नहीं थी। मामला शांत होने पर जुलूस कर्बला तक ले जाया गया।
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चायल कस्बे से शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे आठवीं का दुलदुल जूलूस निकाला गया। जैसे ही जुलूस मनौरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहुंचा ताजियादार भड़क गए। रोड बंद नहीं कराई गई थी। वाहनों का आवागमन जारी था। इस पर ताजियादारों ने चौकी प्रभारी केके पांडेय से नाराजगी जताई। इस पर चौकी प्रभारी ने कहा कि वह वाहनों को नहीं रोक सकते। इसको लेकर कहासुनी हो गई। ताजियादारों का कहना था कि जुलूस निकलने के दौरान सिर्फ स्कूली वाहन व एंबुलेंस ही निकलती है। सामान्य यातायात पर हादसा होने की संभावना है। इसके बावजूद पुलिस राजी नहीं हुई। नतीजतन पुलिस से ताजियादारों की नोकझोंक होने लगी। धक्कामुक्की भी हुई। सूचना अधिकारियों को दी गई। इसके बाद किसी तरह ताजियादार जुलूस लेकर कर्बला के लिए रवाना हुए। जुलूस खत्म होने के बाद लोगों ने मांग की है कि चौकी प्रभारी को हटाया जाए। सीओ चायल एसएस ग्रोवर का कहना है कि प्रकरण की जांच करवाई जा रही है।
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