अनामिका और मधुपति के खेमे में बंटे भाजपाई
सीधे मुकाबले में सदस्यों की भूमिका अहम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए अनामिका सिंह व मधुपति के बीच सीधा मुकाबला है। कुर्सी के लिए जंग तेज हो चुकी है। चुनाव को लेकर भाजपाई दो खेमों में बंट गए हैं। एक गुट अनामिका सिंह के तो दूसरा मधुपति के साथ। दोनों खेमों के भाजपाई सदस्यों को अपने-अपने पाले में रखने की कोशिश में जी-जान से जुटे हैं।
जिला पंचायत के कुल 29 सदस्य हैं। अध्यक्ष की कुर्सी के लिए एक प्रत्याशी को 15 सदस्यों के वोट जरूरत है। 22 अगस्त को मतदान होगा। 15 सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए अनामिका सिंह और मधुपति के समर्थक पूरी ताकत से जुटे हैं। राजनीतिक गलियारे में जो चर्चा है उसके मुताबिक अनामिका सिंह का पलड़ा भारी है। उनको आधे से ज्यादा सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। इसीलिए पूर्व विधायक वाचस्पति को कम आंकने की गलती लोग बिलकुल नहीं कर रहे हैं। राजनीतिकों का कहना है कि पूर्व विधायक अपनी पत्नी मधुपति को कुर्सी पर काबिज करने के लिए ऐन वक्त पर पांसा पलटवा सकते हैं। उनके समर्थकों के साथ ही भाजपा के कद्दावर पूरी टीम के साथ सक्रिय हैं। यह टीम सदस्यों तक पहुंचने की पूरी कोशिश में है। हालांकि अनामिका सिंह के पति सोनू सिंह के चक्रव्यूह को फिलहाल अभी यह लोग भेद नहीं पा रहे हैं। चुनावी जंग शीर्ष स्तर पर पहुंच चुकी है। दोनों ही पक्ष साम, दाम और भेद जैसे हथकंडे अपना रहे हैं। सदस्यों से मुलाकात न होने पर उनके परिजनों पर डोरे डाले जा रहे हैं। 15 सदस्यों को एकजुट करने के लिए दोनों ही प्रत्याशियों ने मोर्चेबंदी तेज कर रखी है।
किसी ने नहीं लिया पर्चा वापस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो उपचुनाव का नामांकन होने के बाद शनिवार को नाम वापसी होनी थी। दो ही पर्चे बिके थे, अनामिका सिंह व मधुपति ने ही पर्र्चे दाखिल किए थे। नाम वापसी पर लोगों की निगाह थी लेकिन किसी ने भी पर्चा वापस नहीं लिया। इससे अब दोनों ही प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होना तय है।