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विवाद में फंसा कालेज, छात्राओं की शिक्षा पर ग्रहण 20-32-47

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विवाद में फंसा कॉलेज, शिक्षा पर ग्रहण
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पंजीकृत हैं तीन हजार से ज्यादा छात्राएं
छात्राएं परेशान, संविदा शिक्षिकाओं के मानदेय पर भी मंडराया संकट
अमर उजाला ब्यूरो
भरवारी।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भरवारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विवादों में फंसने के बाद से इस कालेज में पढ़ने वाली तीन हजार से ज्यादा छात्राओं की शिक्षा पर ग्रहण लग सकता है। मैनेजर व प्रिंसिपल की खींचतान में कालेज की प्रतिष्ठा दांव पर लग चुकी है। अधिकारी इस विवाद का पटाक्षेप कराने में अब तक नाकाम साबित हुए हैं। इसको लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भरवारी की प्रिंसिपल नीलम को मैनेजर राजेंद्र खुराना ने निलंबित कर दिया है। हालांकि प्रिंसिपल ने इस कार्रवाई को मानने से इंकार कर दिया है। इस मामले में उन्होंने मैनेजर समेत पांच लोगों के खिलाफ कोखराज थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। इसमें पूर्व प्रधानाचार्या रेखा सिंह भी आरोपित हैं। अधिकारी इस विवाद को हल नहीं करा पा रहे हैं। यही कारण है कि मामला खिंचता चला जा रहा है। इस कालेज में लगभग 3200 छात्राओं का पंजीकरण हैं। नियमित कक्षाएं चलती हैं। विवाद के बाद इन छात्राओं की शिक्षा पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कालेज कई गुटों में बंट गया है। इसकी सीधी मार वहां संविदा पर पढ़ा रही 22 शिक्षिकाओं पर पड़ी है। इनको कई महीने से पगार नहीं मिली है। मानदेय न मिलने से शिक्षिकाएं परेशान हैं। उन्होंने प्रिंसिपल नीलम से भुगतान कराने की बात कही है। इसकी जानकारी उन्होंने डीआईओएस को देते हुए भुगतान कराने की मांग की है। नीलम ने यह भी कहा है कि यदि शिक्षिकाओं को भुगतान नहीं दिया गया तो वे स्कूल छोड़ सकती हैं। ऐसे में छात्राओं को दिक्कत हो जाएगी। मैनेजर व प्रिंसिपल के चल रहे झगड़े को लेकर अब छात्राओं के अभिभावक भी परेशान हैं। उन्हें अपनी बेटियों की शिक्षा को लेकर फिक्र सताने लगी है।
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इनसेट---
पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार
प्रिंसिपल नीलम ने एसपी को शिकायती पत्र देकर मैनेजर व उनके साथियों पर धमकी देने व साजिश करने का आरोप लगाया है। इसकी जानकारी एसपी को उन्होंने देते हुए कार्रवाई की मांग की है। उधर, मैनेजर ने भी मामले में उच्चाधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।
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