कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी विवादों से घिर गया है। इसका असर कालेज में पढ़ने वाली छात्राओं के पठन-पाठन पर भी पड़ रहा है। मैनेजर की कार्रवाई से कालेज अखाड़ा बन चुका है। निलंबित प्रिंसिपल नीलम ने रेखा सिंह के लिए सोमवार को कुर्सी नहीं छोड़ी। इससे गहमागहमी का माहौल बना रहा। इसी बीच जांच को पुलिस भी पहुंच गई। कालेज दो गुटों में बंट गया है।
कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी के प्रबंधक राजेंद्र खुराना ने प्रधानाचार्या नीलम को निलंबित करते हुए उनकी जगह रेखा सिंह को तैनात किया था। इसका नीलम ने विरोध किया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अवैध है। इसके बाद उन्होंने कोखराज थाने में प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सोमवार को कालेज खुला तो नीलम प्रिंसिपल की ही कुर्सी पर बैठी रहीं। रेखा सिंह आईं तो नीलम को कुर्सी पर बैठे देखा तो दूसरे कक्ष में चली गईं। इसको लेकर अन्य शिक्षिकाएं भी परेशान रहीं। इसी दौरान कोखराज थाने की पुलिस जांच के लिए पहुंची। नीलम से पूछताछ करने के बाद उसने कई अन्य लोगों से भी सवाल-जवाब किए। पुलिस के आने से कालेज में हड़कंप मचा रहा। मैनेजर की कार्रवाई से शुरू हुआ विवाद अब गहराने लगा है। इसका असर कालेज में पढ़ने वाली छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ सकता है। इसका असर सोमवार को भी दिखा।
मैनेजर की कार्रवाई से अखाड़ा बना कालेज
प्रिंसिपल की कुर्सी नहीं छोड़ रहीं नीलम
सोमवार को विवाद की जांच को पहुंची कोखराज पुलिस