जवई पड़री स्थित प्राथमिक विद्यालय में बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। संवाद
भूगर्भ जल संरक्षण के लिए क्षेत्र की 20 ग्राम पंचायतों में 40 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाएंगे। 15 जून से पहले ही इनका निर्माण पंचायत भवन या परिषदीय स्कूलों में करा लिया जाएगा। ताकि, बारिश का पानी संचित किया जा सके।
जिले के आठ ब्लॉकों में सिराथू डार्क जोन की श्रेणी में आता है। यहां भूगर्भ जल संरक्षण के लिए प्रशासन की ओर से कवायद की जा रही है। ब्लॉक क्षेत्र की सभी 79 ग्राम पंचायतों में बारिश का जल संचय करने के लिए प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय और पंचायत भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का निर्देश दिया गया था।
इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना से 59 ग्राम पंचायतों में 73 से 80 हजार रुपये की लागत से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया था। जबकि निजामपुर नौगीरा, मानपुर गौरा, मलाक रेजमा, बसोहनी, इचौली, बिछौरा, बिदनपुर आमद करारी, गोविंदपुर गोरियों और बरीपुर समेत 20 ग्राम पंचायतों में निर्माण नहीं हो सका था।
इस पर लघु सिंचाई विभाग ने एस्टीमेट बनाकर बाकी बचीं ग्राम पंचायतों को 15 जून तक निर्माण करने को कहा था। अवर अभियंता लघु सिंचाई रामचंद्र यादव ने बताया कि कई स्थानों पर काम शुरू हो गया है। 15 जून से पहले सभी ग्राम पंचायतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनकर तैयार हो जाएगा।
जवई पड़री स्थित प्राथमिक विद्यालय में बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। संवाद