राज्य पोषण मिषन के तहत शुक्रवार को जिले के छह ब्लॉकों के 16 गांवों में संजीवनी कैम्प का आयोजन किया गया। इसमें गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 15 महिलाओं में खून की कमी (एनिमिक) तथा 40 बच्चे अति कुपोषित मिले। पहले से चिहिंत अति कुपोषितों की भी जांच की गई। कुपोषण का शिकार बच्चों को इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया।
अफसरों के गोद लिए गांव कौशाम्बी ब्लॉक के फैजुल्लापुर, अतरसुइया, मंझनपुर के जजौली, अषाढ़ा, सरसवां के अढ़ौली, हिनौता, नेवादा के अमवा, दरहा, चायल के शेखपुर रसूलपुर, चौराडीह, मूरतगंज के मौली, जलालपुर, सिराथू के तेरहरा, जगन्नाथपुर तथा कड़ा के फरीदपुर परसखी एवं रामपुर बढ़नावां में बुधवार को संजीवनी कैंप लगाया गया। इस दौरान पहले से चिंहित 249 अति कुपोषित बच्चों में से 231 का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 131 के स्वास्थ्य में पहले से काफी सुधार मिला।
इसके अतिरिक्त 816 अन्य बच्चों की जांच की गई। जिसमें से 40 नए अति कुपोषित मिले। जांच के बाद कुल 56 अतिकुपोषितों को बेहतर देखभाल के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर कर दिया। इस दौरान 155 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जिसमें से 15 में खून की कमी पाई गई। उन्हें परामर्श के साथ ही आयरन की गोलियां भी दी गईं। कैंप में 139 महिलाओं एवं 441 किशोरियों को सिनेटरी नेपकिन मुहैया कराई गई। इस बीच नोडल अफसर जिला कार्यक्रम अधिकारी, पीडी, बीएसए, डीआईओएस, एक्सईएन जल निगम, बीडीओ नेवादा, प्रभारी चिकित्साधिकारी मंझनपुर, नेवादा एवं चायल, एबीएसए मंझनपुर आदि अधिकारियों ने कैंप का निरीक्षण किया।