जनधन खाते से रकम निकालने के लिए भटक रहीं 35 हजार महिलाएं
70 हजार जनधन खातों में आधे से ज्यादा खाते निष्क्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। केंद्र सरकार लॉकडाउन के दौरान मदद के लिए महिलाओं के जनधन खाते में 500 रुपये प्रतिमाह भेज रही है, लेकिन जिले में जनधन खाता होने के बाद भी तकरीबन 35 हजार महिलाएं सरकारी योजना के लाभ से वंचित हैं। दरअसल इन महिलाओं ने जीरो बैलेंस पर खाता तो खुलवा लिया था। पर आज तक खाते में एक रुपये का भी लेनदेन नहीं किया है। इसके चलते इन खातों को निष्क्रिय मानकर सरकार ने रकम नहीं भेजी है। अब ये महिलाएं जनधन खाते से रुपये निकालने के लिए बैंकों का चक्कर लगा रही हैं।
बुधवार को भड़ेसर स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर महिलाएं इसे लेकर आक्रोश जताती नजर आईं। महिलाओं का कहना था कि बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। घना का पूरा गांव निवासी विद्या ने बताया कि उनका खाता बैंक में संचालित है, लेकिन अब तक जनधन योजना के तहत मिलने वाली राशि नहीं आई है। बैंक के अधिकारी चक्कर लगवा रहे हैं। पश्चिमशरीरा स्थित बीओबी के बाहर खड़ी कमर जहां, रजनी, शीला और रोशनी ने भी जनधन खाता निष्क्रिय होने की शिकायत की। महिलाओं का कहना है कि खाता कैसे सक्रिय होगा और उसमें रुपया कैसे आएगा? इस बारे में कोई बताने वाला नहीं है। एलडीएम अनिल कटियार का कहना है कि जिले में तकरीबन पांच लाख जनधन खाताधारक हैं। इनमें से 70 हजार महिलाओं के खाते शामिल है। सरकार ने महिला खाताधारकों को पांच-पांच सौ रुपये देने की घोषणा किया है। पर, आधे से ज्यादा खाते निष्क्रिय हैं। सालों से कोई लेनदेन नहीं होने के कारण बैंक ने इन्हें निष्क्रिय मान लिया है। इसलिए निष्क्रिय खातों में रकम नहीं आ रही है।