बैकिंग सेवा का ऑनलाइन होना जहां एक ओर सुविधा जनक है। वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध बढ़े हैं। डिजिटल अरेस्ट, इनाम का लालच, फर्जी कॉल से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
बीते तीन माह में जिले के 35 लोगों ने साइबर ठगी की शिकायत की। साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 12 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खाते में वापस कराने की पहल की है।
एसपी राजेश कुमार व सीओ मंझनपुर शिवांक सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बताया कि बीते तीन महीनों में दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर टीम ने उन बैंक खातों को चिह्नित किया।
इसके साथ ही एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकों से समन्वय कर धनराशि होल्ड कराई गई। न्यायालय की अनुमति के बाद पीड़ितों के खाते में धनराशि वापस आएगी। कुछ लोगों को धनराशि मिली भी है।
इसके अलाव अन्य प्रकरण में करीब 30 लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि विभिन्न खातों में होल्ड कराई गई है। इसे भी वापस करने की प्रक्रिया चल रही है। एसपी ने साइबर थाने की पहल साइबर थाना टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की बात कही है।
गोल्डन पीरियड पर मिली जानकारी तो रिकवरी और सरल
सीओ सदर शिवांक सिंह ने कहा किसी घटना के बाद पहले एक-दो घंटे बेहद अहम होते हैं। जितनी जल्दी सूचना मिलेगी, उतनी जल्दी रकम होल्ड कराई जा सकती है। सतर्क रहें, जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। लालच, डर या दबाव में आकर किसी को ओटीपी, बैंक विवरण या निजी जानकारी साझा न करें।