मंझनपुर। करीब 20 साल से किराये या उधार के भवनों में चल रहे 33 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 3.90 करोड़ से नए भवनों का निर्माण होगा। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सांसद ने शिलान्यास किया। मार्च-2024 तक भवन बनकर तैयार हो जाएंगे।
जिले में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से सिर्फ 625 के पास ही अपना भवन है। अन्य केंद्रों में कोई परिषदीय स्कूलों, कोई पंचायत भवनों तो कोई किराये के मकान में चल रहा है। अब इनमें से 33 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे। 50 फीसदी भवनों के लिए गांव के परिषदीय विद्यालयों में जगह मिली है। अन्य भवनों को ग्राम पंचायतों ने दूसरी जगह भूमि उपलब्ध कराई है। हर भवन में एक कमरा, एक स्टोर, एक किचन और एक बरामदा होगा।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में सांसद विनोद सोनकर ने इन केंद्रों के भवनों का शिलान्यास किया। सांसद ने कहा कि शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए सरकार प्रयासरत है। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कई पद रिक्त हैं। दिसंबर तक भर जाएंगे। इस मौके पर डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी, डीपीओ सुरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इन केंद्रों के भवनों का होगा निर्माण
आंगनबाड़ी केंद्र समसपुर, बलिहावां देह, अमनीलौकीपुर, जलालपुर बोरियों, नसीरपुर, मोहिनुउद्दीनपुर गौस बरैसा, रानीपुर, नेवारी, पारा हसनपुर, शिवरा, कोसमखिराज, इटैलीपुर, बद्री केदार, पति का पुरा, बम्बूपुर प्रथम, द्वितीय, कुंड्रावी, टेंगाई, रमसहायपुर, सौरई खुर्द, शमसाबाद, चिकिया, गिरधरपुर, पेरई, हिसामपुर माढ़ो, अम्बाई बुजुर्ग, बैरमपुर, रामपुर बढ़नावा के नए भवन बनेंगे।
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तीन विभागों का लगेगा बजट
डीपीओ सुरेश गुप्ता ने बताया कि एक केंद्र के भवन के निर्माण में 11.84 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें 7.84 लाख मनरेगा, दो लाख ग्राम पंचायत और दो लाख रुपये बाल विकास विभाग देगा। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया होनी है। इसके बाद काम शुरू होगा। मार्च-2024 तक यह बनकर तैयार हो जाएंगे।