मंझनपुर (ब्यूरो)। सैनी कोतवाली के कुंजीपुर गांव में रविवार सुबह कूड़े की चिंगारी से एक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटों में घिरने से नलकूप की रखवाली कर रहा बुजुर्ग किसान जिंदा जल मरा। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। घर के मुखिया की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
कुंजीपुर मजरा कनवार निवासी राजकुमार (65) का बस्ती से बाहर खेत और नलकूप है। खेतों की रखवाली के लिए राजकुमार ने नलकूप के पास ही झोपड़ी बना रखी थी। इधर कुछ दिन पहले राजकुमार को लकवा मार दिया था। इससे वह चलने-फिरने में असमर्थ था। परिजनों की मानें तो राजकुमार ज्यादातार नलकूप की झोपड़ी में ही रहता था। रविवार सुबह तकरीबन दस बजे झोपड़ी के बाहर किसी ने पत्तियां इकट्ठाकर आग लगा दिया। कूड़े से निकली चिंगारी झोपड़ी में जा पहुंची। देखते ही देखते पूरी झोपड़ी धूं-धूं कर जलने लगी। इसके चलते अंदर मौजूद राजकुमार आग की लपटों से घिर गया। चीखने-चिल्लाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग इकट्ठा हो गए। आननफानन पास स्थित तालाब से पानी लेजाकर आग पर काबू पाया गया। घटना मेें गंभीर रूप से झुलसे किसान को लोग इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर बुजुर्ग के शव को गंगा किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।