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गर्दन फंसी तो उपभोक्ता पर दबाव बनाने की कोशिश

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गर्दन फंसी तो काट दिया बिजली कनेक्शन
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विद्युत बिल जमा होने के बाद बिना नोटिस कनेक्शन काटने से उपभोक्ता परेशान
बिजली की आपूर्ति चालू कराने के लिए अधिकारियों की चौखट पर दी दस्तक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। विद्युत बिल के नाम पर मोटी उगाही करने वाले विभाग ने गर्दन फंसती देख उपभोक्ता पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। विभाग ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना तो दूर बिना नोटिस के उपभोक्ता की लाइन काट दी। विभाग के इस कदम से परेशान उपभोक्ता अफसरों के यहां दस्तक दे रहा है।
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मंझनपुर के चकनगर मोहल्ला में रहने वाली गोमती देवी ने वर्ष 2004 में घरेलू लाइट-फैन का कनेक्शन दिया था। उपभोक्ता को मीटर आवंटित करने के बावजूद विभाग ने उसे अभिलेखों में नहीं दर्ज किया। उपभोक्ता ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। गोमती का बेटा दिल्ली में रह कर नौकरी करता है। इस वजह से परिवार ज्यादातर बेटे के पास ही रहता था। पिछले कुछ दिनों से वह लोग अपने घर में रहने लगे तो बिल की चिंता सताई। बिल के बारे में पता किया तो मालूम चला कि मीटर की इंट्री ही नहीं है। इस पर डिवीजन कार्यालय के एक लिपिक ने उपभोक्ता से बिल के नाम पर मोटी रकम वसूल की और नया मीटर लगवा दिया। नियम की मानें तो जिस दिन से मीटर लगता है, उसके हिसाब से ही रीडिंग लेकर बिल निकाला जाता है। उपभोक्ता का मीटर जितना चला, उस हिसाब से उसने चार सौ रुपये अदा कर दिए। मामले का गड़बड़ झाला पकड़े जाने के बाद पूरा खेल सामने आ गया। आनन-फानन उस लिपिक की तलाश शुरू हुई जिसने एक्सईएन की आईडी से बिल में खेल किया। उधर उपभोक्ता पर 2014 से लेकर अब तक का पैसा जमा कराने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। अक्तूबर माह तक के बिल जमा की रसीद पा चुके उपभोक्ता का बिना किसी नोटिस के कनेक्शन काट दिया गया। पैसा जमा करने के बाद भी उपभोक्ता कनेक्शन जुड़वाने के लिए परेशान है।
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इनका कहना है
उपभोक्ता के इशारे पर ही खेल हुआ है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप सोनकर, एक्सईएन, मंझनपुर
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