मंझनपुर। पांच वक्त के नमाजी और चार वेदों के ज्ञाता पंडित हयात उल्ला चतुर्वेदी को बाल विकास विभाग ने पोषण माह के तहत ब्रांड एंबेसडर बनाया है। प्रमुख सचिव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मोनिका गर्ग ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस से हयात उल्ला चतुर्वेदी से बात की।
कौशाम्बी के छीता हर्रायपुर गांव निवासी पंडित हयात उल्ला चतुर्वेदी किसी परिचय के मोहताज नहीं है। चार वेदों की जानकारी होने की वजह से उन्हें ‘चतुर्वेदी’ की उपाधि मिली है। हिंदी और संस्कृत के जानकार हयात उल्ला वर्ष 2003 में शेरवानी इंटर कॉलेज इलाहाबाद से रिटायर हुए हैं। बीस साल तक सीओडी छिंवकी में वह थल सेना के जवानों में हिंदी और संस्कृत को लेकर जोश भरते रहे। सन् 1995 में उन्हें कर्नल आर गोपालाकृष्णन ने पंडित का उपाधि दी। जिले में मतदाता जागरुकता अभियान सहित कई अभियान में वह बढ़-चढ़कर हिस्सा ले चुके हैं। उम्र का 75 वां पड़ाव देख चुके पंडित हयातउल्ला के जोश को देखते हुए बाल विकास विभाग ने पोषण माह सितंबर को लेकर ब्रांड एंबेस्डर बनाया है। पांच वक्त के नमाजी हयातउल्ला सुबह और शाम नमाज के बाद मस्जिद से ‘सहं पोषण-देश रोशन’ का नारा बुलंद कर रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र ने बताया आईसीडीएस के तहत लाभार्थियों के पंजीकरण और सत्यापन और अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर इलाज कराने जैसी योजना की मानीटरिंग का जिम्मा उन्हें सौंपा गया है।