संत रविदास जयंती की छुट्टी होने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अस्पताल की ओपीडी में सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक मरीजों को देखने का निर्देश दिया था। लेकिन, बुधवार को अस्पताल में तैनात 30 डॉक्टरों में से सिर्फ सात ही ओपीडी में मौजूद रहे। जबकि मुख्य अस्पताल में 915 और एमसीएच विंग में 162 मरीजों ने इलाज के लिए पर्ची कटाई थी।
सुबह करीब 10:30 बजे तक मुख्य अस्पताल में 310 मरीज तो एमसीएच विंग में 35 गर्भवती महिलाएं पर्चा लेकर डॉक्टर के इंतजार में बैठी रहीं। मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ ने बताया कि यहां तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। 10:30 बजे तक कोई नहीं आया था।
वहीं, अस्पताल की ज्यादातर ओपीडी में डॉक्टरों की कुर्सियां खाली ही रहीं। फिजिशियन कक्ष में चार डॉक्टरों को तैनात किया गया है। मौके पर सिर्फ एक ही डॉक्टर मिले। नाक,कान,गला विशेषज्ञ की कुर्सी खाली रही। नेत्र विभाग में भी एक डॉक्टर ही मौजूद रहे।