बेटियों के जन्म और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2019 में शुरू हुई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से अब तक जिले में 26,484 बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक बेटियों को छह अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
योजना के तहत एक परिवार की दो बेटियों को लाभ मिल सकता है। इसके लिए अभिभावक किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन बालिका की जन्म तिथि के छह माह के भीतर होना चाहिए।
योजना के तहत प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म के बाद आर्थिक सहायता दी जाती है। द्वितीय श्रेणी में एक वर्ष का पूर्ण टीकाकरण होने पर लाभ मिलता है। तृतीय श्रेणी में कक्षा एक, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा छह और पांचवीं श्रेणी में कक्षा नौ में प्रवेश के बाद राशि दी जाती है। वहीं छठी श्रेणी में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक, डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
अभिभावक बोले- बेटियों की पढ़ाई को मिला सहारा
मंझनपुर की रहने वाली रीना देवी ने बताया कि बेटी के स्कूल में प्रवेश के बाद मिलने वाली सहायता राशि से पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिली। भरवारी के रामकुमार का कहना है कि उनकी बेटी को भी योजना के तहत किस्तों में राशि मिली है। इस सहायता से बेटी की पढ़ाई और जरूरी खर्चों में सहूलियत मिली।
वर्जन
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा को मजबूत बनाना है। यही वजह है कि सरकार ने प्रोत्साहन राशि को 15 हजार से 25 हजार कर दिया। - नीरज कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
ऐसे करें आवेदन
mksy.up.gov.in पर वेबसाइट पंजीकरण आईडी और पासवर्ड बनाना होगा। फिर माता-पिता का आधार, बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और आय प्रमाण पत्र ( वार्षिक तीन लाख से कम) का दस्तावेज आवेदन के समय अपलोड कर आवेदन की कॉपी प्रोबेशन कार्यालय में जमा करनी होगी।