नगर पालिका परिषद के खजाने में 50 करोड़ रुपये का बजट है। ताकि विकास से जुड़े काम हो सकें और 25 वार्डों की एक लाख की आबादी को अच्छी सड़कें व बिजली-पानी मिल सके। बजट होने के बावजूद भी 10 महीने में विकास की एक ईंट तक न जुड़ सकी। जो विकास के कार्य हो रहे हैं। वह भी पिछले साल के हैं। वहीं, अंदरखाने चल रही खींचतान और सामंजस्य का अभाव भी इसकी मुख्य वजहों में से एक है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र के संत रविदास नगर, संत कबीर नगर और शहीद सोहनलाल समेत विस्तारित क्षेत्र वाले ज्यादातर वार्ड विकास में पिछड़े हैं। वह विकास की राह ताक रहे हैं। इन वार्डों में जो काम हुआ भी है तो वर्ष 2023 तक। वर्ष 2024 के 10 महीने पालिका ने केवल विकास कार्यों का खाका खींचनें, टेंडर और उनकी जांचों में ही बिता दिए।
नाली, नाला, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट समेत करीब 123 विकास कार्य इसी में उलझकर रह गए। वार्ड नंबर 20 के सभासद राजू पाल कहते हैं कि वार्ड में इस साल एक भी नया काम नहीं हुआ। पुराने कार्य भी रेंग रहे हैं। वार्ड नंबर शहीद सोहनलाल नगर के खुशनसीब अहमद का कहना है कि फरीदपुर में एक सड़क बननी है। पिछले साल टेंडर हुआ था। काम इस साल भी शुरू नहीं हुआ।
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नगर पालिका परिषद में उपलब्ध बजट
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना- करीब 5.50 करोड़
राज्य वित्त आयोग- करीब 15 करोड़
15वां वित्त आयोग - करीब 15 करोड़
अन्य बजट - करीब 14.50 करोड़
नगर पालिका में विकास आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गया है। कभी टेंडर होते हैं तो कभी निरस्त हो जाते और कभी जांच में अटक जाते हैं। विकास के अलावा सारे काम हो रहे हैं।
काजल देवी
सभासद, वार्ड नंबर 11
पिछले साल तक थोड़े बहुत विकास कार्य हो भी रहे थे। वर्ष 2024 में तो कोई नया काम हुआ ही नहीं। जनता सड़क, पेजयल और जल निकासी की सुविधा को तरस रही है।
जितेंद्र साहू
सभासद, वार्ड नंबर-13
नगर पालिका परिषद में पर्याप्त बजट होने के बाद भी न तो विकास कार्य हो रहे हैं और न ही पुराने भुगतान। मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है।
वीरेंद्र फौजी
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, मंझनपुर