चायल। नेवादा विकास खंड के कुंडारी गांव के समीप शनिवार रात तिल्हापुर नहर टूटने से करीब 25 बीघे पर बोई गई फसल जलमग्न हो गई। 10 दिन में तीसरे बार नहर टूट चुकी है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी से परेशानी बढ़ जा रही है। इन्होंने एसडीएम चायल अनिल चतुर्वेदी से शिकायत की है।
बताया जाता है कि नेवादा विकास खंड के अधिकांश गांवों में किशुनपुर पंप कैनाल की तिल्हापुर माइनर से सिंचाई होती है। सुरसेनी गांव के जलथर पुल से नहर पनारा गोपालपुर, इमलीगांव, अमिरसा, कुंडारी होते हुए ससुर खदेरी नदीं में मिलती है। आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी से नहर ससुर खदेरी तक न पहुंच कर कुंडारी के पहले ही समाप्त हो जाती है। इसकी वजह से नहर में छोड़ा गया पानी गांव में भर जाता है। किसान किसी तरह बांध आदि बनाकर फसलों का बचाव करते हैं। शनिवार रात पानी का दबाव बढ़ने पर नहर कुंडारी गांव के समीप टूट गई। इसकी वजह से नहर का पानी खेत और बस्ती में भर गया। खेत में बोया गया गेहूं और आलू डूब गया है। करीब 25 बीघे फसल बर्बाद हो चुकी है। अमिरसा गांव के मुकुंद तिवारी, गोविंद तिवारी, महेंद्र सिंह, नंदलाल, अनिल पांडेय आदि के खेत पानी से लबालब हैं। इसके अलावा साधू शरण विश्वकर्मा, लव प्रकाश, नन्हे सिंह, तिलक यादव के घर में पानी घुस गया। ग्रामीणों का कहना है कि 10 दिन में यह नहर तीसरी बार टूटी है। इसकी वजह से क्षेत्र के गांवों की सैकड़ों बीघे फसल खराब हो चुकी है। किसानों ने पिछले दिनों एसडीएम को ज्ञापन भी दिया था। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के अफसरों को कुंडारी से आगे ससुर खदेरी तक नहर खोदने का निर्देश नहीं दिया गया। इसे लेकर इलाके के किसानों में खासा गुस्सा है।