बारा। सिंचाई के संकट से जूझ रहे कौशांबी ब्लॉक के करीब 24 गांवों के किसानों के लिए अच्छी खबर है। इन गांवों के किसानों को अब सिंचाई के लिए पानी की मारामारी नहीं करनी होगी। पंप के लिए बनाई जा रही विद्युत लाइन का काम सोमवार शाम पूरा हो गया। जल्द ही जोगापुर पंप कैनाल को चालू कराकर किसानों की समस्या दूर कर दी जाएगी।
कौशांबी ब्लॉक के बेरौंचा, कनैली समेत करीब छह माइनरों को पानी किशनपुर पंप कैनाल से दिया जाता है। कैनाल के अंतिम छोर में होने के कारण इन माइनरों व रजबहों से जुड़े किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। इसे देखते हुए बसपा शासनकाल में तत्कालीन काबीना मंत्री रहे इंद्रजीत सरोज ने जोगापुर पंप कैनाल इलाकाई लोगों को तोहफे के रूप में दिया। उन्होंने 17 दिसंबर 2010 को इसका शिलान्यास करते हुए दस करोड़ दो लाख रुपये की मंजूरी दी। कैनाल बनकर तैयार तो हो गया था, लेकिन विद्युतीकरण के अभाव में पंप नहीं चल रहे थे। अधिक समय बीतने के कारण विद्युतीकरण की दर भी बढ़ गई।
भाजपा शासनकाल में विद्युतीकरण के लिए धन मंजूर हुआ तो टेंवा से पंप कैनाल तक तकरीबन 32 किलोमीटर लंबी लाइन बनना शुरू हुई। सोमवार को यह काम बिजली विभाग ने पूरा करा दिया। जेई बीके तिवारी का कहना है कि विद्युत लाइन बनकर तैयार हो गई है। रिपोर्ट सिंचाई विभाग को जरिए एक्सईएन दे दी जाएगी। पंप कैनाल के विद्युत लाइन का काम पूरा होते ही इलाकाई किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब देर है तो पंप की मामूली खामियों को दूर कराते हुए चालू करने की। इलाकाई किसान अब पंप के चालू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं एक्सईन आरके निरंजन का कहना है कि बनकर तैयार हुई विद्युत लाइन को अभी विभाग चार्ज करेगा। इसके बाद लाइन हैंडओवर की जाएगी। लाइन मिलने के बाद छह सालों से बनकर तैयार पंप की मामूली खामियों को दूर किया जाएगा। इसी माह हर हाल में पंप को चालू करा दिया जाएगा।