मंझनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जारी केंद्रों की अनंतिम सूची से तकरीबन आठ विद्यालयों का पत्ता साफ हो सकता है। जबकि 22 नए कॉलेज परीक्षा केंद्र बन सकते हैं। आपत्तियों पर विचार के बाद डीआईओएस ने 78 केंद्रों की सूची भेजी है। उससे ऐसे ही कुछ संकेत मिल रहे रहे हैं। इसे लेकर शिक्षा विभाग में खलबली मची है।
जिले में इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 45,396 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनकी परीक्षा के लिए चार नवंबर को माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 64 केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की थी। इसी के साथ ही आपत्तियां भी तलब की गई। निर्धारित समयावधि के भीतर करीब 90 आपत्तियां एवं सुझाव आए। इनमें किसी ने मानक पूरा नहीं करने वाले संसाधन विहीन स्कूल को केंद्र बनाने का आरोप लगाया तो किसी ने सेंटर की दूरी को लेकर सवाल उठाया। कईयों ने अपने-अपने विद्यालयों में सुविधाओं का हवाला देकर केंद्र बनाने की वकालत की। डीएम मनीष वर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने बैठक कर सभी आपत्तियों एवं सुझाव पर बिंदुवार समीक्षा की।
इसके बाद तय हुआ कि अनंतिम सूची में शामिल करीब आठ विद्यालय केंद्र बनाए जाने का मानक पूरा ही नहीं कर रहे हैं। इनमें से कुछ में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा नहीं है तो किसी में बेहद कम बच्चों का आवंटन हुआ। कुछ विद्यालयों का पिछला रिकार्ड भी काफी खराब है। जबकि 22 ऐसे विद्यालय मिले जो मानक पूरा करने के बावजूद परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए थे। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर केंद्र बनाने के लिए परिषद को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि जिले से भेजी गई इसी सूची को परिषद की मुहर लग सकती है। इसे लेकर अनंतिम सूची में केंद्र बने विद्यालय संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।