मंझनपुर। दोआबा के कॉलेज संचालकों के लिए डिप्टी सीएम का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। तभी तो अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा रहे हैं। डीआईओएस ने सभी कॉलेजों को नोटिस जारी कर 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि इसके बाद औचक निरीक्षण करने पर वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी नहीं मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नकल विहीन बोर्ड परीक्षा कराने के लिए इस बार शासन ने कक्ष के दोनों तरफ वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा लगवाने का फरमान जारी किया है। अव्वल तो यह सुविधा होने के बाद ही परीक्षा केंद्र बनाया जाना चाहिए। पर, बोर्ड के जिम्मेदारों ने शासकीय नियमों को दरकिनार कर बगैर वायस रिकार्डर युक्त कॉलेजों को ही केंद्र बना दिया। इसकी जानकारी होने पर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने छह दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला विद्यालय निरीक्षकों को दस दिन के भीतर परीक्षा केंद्रों में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया।
पर, समय सीमा गुजरने के बावजूद जिले के 78 में से अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर वायस रिकार्डर नहीं लगाए जा सके। चार जनवरी को माध्यमिक शिक्षा परिषद के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र जारी कर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येंद्र सिंह ने परीक्षा केंद्र बने विद्यालयों के जिम्मेदारों को 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। डीआईओएस ने सीसी कैमरों के सथ ही खिड़कियों में पल्ले लगवाने का भी निर्देश दिया है। चेताया कि 15 जनवरी के बाद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। चेताया कि निरीक्षण में संसाधनों का अभाव मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी।
एडेड विद्यालयों में आड़े आ रहा बजट
इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 26 सवित्त एवं दो राजकीय विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 20 केंद्रों पर अभी भी वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी नहीं लगाए जा सके हैं। इसके पीछे विद्यालय के जिम्मेदार बजट का अभाव बता रहे हैं। डीआईओएस ने विद्यालय निधि अथवा अन्य किसी मद से व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।