प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम व लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्या के गृह निवास (वार्ड नंबर-9) सिराथू की एक गली कलंक बनी हुई है। वर्ष 2006 से प्रस्तावित दो सौ मीटर सीसी रोड का निर्माण अब तक नहीं हो सका। सीएम के आइजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन ने बजट नहीं होने की बात कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कौशाम्बी जिले के सिराथू कस्बे के वार्ड नंबर नौ में रहते हैं। डिप्टी सीएम बनने के बाद सिराथू नगर पंचायत की लगभग हर गली को सीसी रोड से बना दिया गया। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जो मार्ग सिराथू से डिप्टी सीएम को जाता है उसे तो बना दिया लेकिन मेन सिराथू गांव को जोड़ने वाली सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया। यह सड़क सिराथू कस्बे के अंदर जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सड़क दो तरफ तो बनी है लेकिन बीच का करीब दो सौ मीटर रास्ता कच्चा छोड़ा गया है।
इस रास्ते पर बरसात के दिनों में जल भराव के स्थित रहती है। इसे लेकर एसोसिएट प्रोफेसर (रक्षा एवं स्त्रातेजिक अध्यन विभाग) निवासी वार्ड नंबर नौ डीके पांडेय ने सीएम योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर आइजीआरएस संख्या - 15174180197634 के तहत शिकायत की थी। शिकायत चक मार्ग संख्या -2500 को लेकर थी। प्रोफेसर ने बताया कि इस सड़क को बनाने के लिए वर्ष 2006 में अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद भी सड़क निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका। इसकी शिकायत पर सीएम कार्यालय से जवाब तलब किया गया। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत सिराथू से जवाब मांगा।
इस बाबत ईओ सिराथू ने दस अक्तूबर को पोर्टल में जवाब दिया कि धन के अभाव की वजह से सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सकता। इसे लेकर शिकायत करने वाले प्रोफेसर हतप्रभ हैं। उनका कहना है कि सिराथू की जिस गली को बनाने के लिए कहा गया था वह आगे और पीछे दोनों तरफ बनी है। बीच की सड़क नहीं बनी है। जबकि सड़क पर अतिक्रमण का मामला था। इसे उन्होंने अपनी खुद की दुकान को तोड़वा कर शांत कराया।
मामला संज्ञान में आया है। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव तैयार करके सड़क निर्माण का अनुमोदन कराया जाएगा। जल्द ही सड़क का निर्माण होगा।
मनीष कुमार, ईओ, सिराथू