मंझनपुर। छह महीने से गंदगी और बजबजाती नालियों के बीच रहने को मजबूर हो चुके मंझनपुर के लोगों का विरोध रंग लाने लगा है। मंगलवार को धरना दे रहे लोग सदर विधायक लालबहादुर के आश्वासन पर माने थे। आठ दिन बाद मुख्यालय की सड़कों पर झाड़ू लगी तो लोगों ने राहत महसूस की।
मंझनपुर में करीब छह महीने से विकास कार्य नहीं हो रहे। चेयरमैन महताब आलम और अधिशाषी अधिकारी अंकिता पटेल के बीच मतभेद की वजह से सफाई कर्मियों को पगार तक नहीं दी गई थी। इसे लेकर 18 सितंबर से संविदा पर तैनात 24 सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। लगातार शिकायत और सभासदों के विरोध के बाद भी समस्या का हल नहीं निकल रहा था। इसे लेकर कस्बे की जनता ने पंकज केसरवानी उर्फ गामा और अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यालय के मेन चौराहे पर धरना दिया। इस दौरान उधर से गुजरे सदर विधायक लालबहादुर की गाड़ी को भी आक्रोशित लोगों ने रोक लिया। विधायक ने मौके पर एसडीएम सदर सतीश चंद्र और ईओ अंकिता पटेल को मौके पर बुलाया और बातचीत की। ईओ ने बताया सफाई कर्मियों का मानदेय उनके खाते में भेजा जा चुका है। इस पर एसडीएम ने सफाईकर्मियों को फटकारा और बुधवार को काम पर नहीं आने पर सेवा समाप्त किए जाने की चेतावनी दी। बुधवार को मंझनपुर से जिलाधिकारी आवास वाले मार्ग पर झाड़ू लगाई गई। इससे कस्बाइयों ने राहत महसूस की।