मंझनपुर। बारिश में तीन महीने के लिए खनन बंद होने से पहले कारोबारियों ने भारी मात्रा में बालू का वैध अवैध भंडारण कर रखा है। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर हफ्ते भर के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर बालू के अवैध भंडार को जब्त कर लिया जाएगा।
पहली जुलाई से जिले के यमुना घाटों में बालू खनन बंद हो चुका है। यह पाबंदी 30 सितंबर तक रहेगी। तीन महीने तक खनन बंद होने के कारण बालू की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसे देखते हुए प्रशासन ने 14 पट्टेधारकों समेत 17 लोगों को भंडारण का लाइसेंस जारी किया था। कमाई के चक्कर में इनमें से कई लाइसेंस धारकों ने क्षमता से अधिक बालू का भंडारण कर लिया है। इसके अलावा तमाम छुटभैया कारोबारियों ने भी भारी मात्रा में बालू का भंडारण कर रखा है। इसकी भनक लगने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। एसडीएम की अगुवाई वाली टीम में खनन निरीक्षक और सीओ को शामिल किया गया है। टीम को एक हफ्ते में जिले भर में भंडारित वैध-अवैध बालू की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बारिश में खनन बंद होने के कारण कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका में तमाम लोगों ने बगैर जरूरत के ही बालू खरीद लिया है। इन लोगों ने खरीदे गए बालू को अपने-अपने दरवाजे के सामने सड़क किनारे डंप करवा रखा है। जरूरत के बगैर लगे ढेर से बालू बिखरकर सड़क तक पहुंच रही है। इसके चलते रोजाना हादसे हो रहे हैं। 12 जुलाई को नगर कोतवाली के बंबुरा गांव के सामने भी साइकिल सवार को बचाने में बाइक सवार भारत लाल निवासी हजरतगंज सड़क पर पड़े बालू के ढेर में फिसलकर गिर गया था। हादसे में मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।