मंझनपुर। दोआबा के यमुना घाटों से बालू से ओवर लोड वाहनों के खिलाफ तीन दिन तक कार्रवाई हुई। तमाम ट्रक-ट्रैक्टरों को सीज किए जाने से घाटों पर वाहनों की संख्या घट गई है।
ऑनलाइन ई-टेंडरिंग के जरिए जिले में 13 यमुना बालू घाटों का पट्टा स्वीकृत हो चुका है। इनमें से कटैया, दिया, महेवाघाट, यमुनापुर व दलेलागंज आदि के पट्टेधारकों ने पर्यावरण एनओसी लेकर खनन शुरू करा दिया है। इससे पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़, इलाहाबाद, सुल्तानपुर आदि जगहों के ट्रांसपोर्टरों को हुई तो वह अपने वाहन बालू के लिए जिले में भेजने लगे। स्थिति यह रही कि पांचों बालू घाटों पर वाहनों की लाइन लगने लगी। वाहनों की संख्या बढ़ी तो ओवरलोड की शिकायत डीएम तक पहुंचने लगी। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ शंकरजी सिंह, खनन निरीक्षक राज रंजन, एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव की टीम ने तीन दिनों तक कार्रवाई की। इस दौरान पकड़े गए वाहनों को सरायअकिल, पिपरी, महेवाघाट, मंझनपुर थानों में सीज कर दिया। वाहन चालक अपने-अपने वाहन छुड़ाने के बाद जिले के घाटों का रास्ता भूल गए हैं। दो दिन से घाटों पर वाहनों की संख्या घटी तो पट्टेधारकों की नींद उड़ गई है।
तीन दिन पहले महेवाघाट थाने में 52 वाहनों को सीज किया गया था। इनमें से कुछ वाहन स्वामी तो अपने वाहनों का जुर्माना खनन व परिवहन विभाग में जमा करने के बाद वाहन लेकर चले गए हैं। लेकिन 20 वाहन चालकों ने कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।