डीपीआरओ से खफा प्रधानों ने दिया धरना
दो दिन के भीतर डीएम से की कार्रवाई की मांग
नेवादा (ब्यूरो)। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की ग्रामसभाओं के प्रधान गुरुवार को दो दिवसीय धरने पर बैठ गए हैं। ग्राम प्रधानों का आरोप है कि ओडीएफ कार्यक्रम के तहत गांव पहुंचे डीपीआरओ ने प्रधान प्रतिनिधि के साथ अभद्रता की। मामले में ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधान कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हैं। चेताया कि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर गुरुवार सुबह नेवादा ब्लॉक के दुर्गापुर गांव पहुंचे। गांव में उन्होंने ओडीएफ अभियान के तहत बने शौचालयों का निरीक्षण किया। मानक के अनुरूप शौचालय न मिलने पर उन्होंने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भरत द्विवेदी को फटकार लगाई। आरोप है कि इस दौरान डीपीआरओ ने प्रधान के साथ अभद्रता की। इसकी जानकारी क्षेत्र के अन्य ग्राम प्रधानों को हुई तो वह नेवादा ब्लॉक परिसर में एकत्रित हो गए। सभी एकजुट होकर दो दिवसीय धरने पर बैठ गए। ग्राम प्रधानों ने डीएम मनीष कुमार वर्मा को सूचना देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी कि शुक्रवार को चार बजे तक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन जिला स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। धरने पर बैठने वालों में नेवादा ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष रवींद्र सिंह के अलावा राजकुमार वाजपेई, बृजभान सिंह यादव, ओम प्रकाश कुशवाहा, विनोद कुमार मिश्र, श्रद्धा सरोज, बांके लाल, राजेश, रेनू यादव, फूलकली, रामबाबू, जगन्नाथ पाल, श्याम सिंह, राजेंद्र कुमार सहित दो दर्जन से अधिक ग्राम प्रधान शामिल हैं।
क्या कहते हैं डीपीआरओ
शौचालय निर्माण सहित विकास कार्यों की जांच के लिए दुर्गापुर गांव गया था। प्रगति खराब होने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से कारण पूछा गया। उन्होंने खुद ही अटपटा जवाब दिया। अब कार्रवाई से बचने के लिए लामबंदी की जा रही है।
कमल किशोर, डीपीआरओ
तीन दिन से ठप है निजी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क
-बैंकिंग, सहज जन सेवा केंद्र की सेवाओं के साथ ही उपभोक्ता परेशान
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)। पश्चिम शरीरा बाजार व आसपास के गावों में निजी टेलीकॉम कम्पनी का नेटवर्क तीन दिन से गायब है। इसके चलते संचार सुविधाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। नेटवर्क गायब होने से बैंकिंग, सहज जन सेवा केंद्र सहित विभिन्न सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
पश्चिमशरीरा और पूरब शरीरा सहित आस-पास के दर्जनभर गांवों के उपभोक्ताओं को संचार सेवा उपलब्ध कराने के लिए एक निजी टेलीकॉम कंपनी ने तीन टॉवर लगवा रखे हैं। अच्छी सेवा मिलने के कारण मौजूदा समय में इलाके के लगभग दस हजार उपभोक्ता कंपनी की संचार सेवा का लाभ ले रहे हैं। उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होने के चलते तीन दिन से मोबाइल का नेटवर्क ही गायब हो गया है। नेटवर्क गायब होने से मोबाइल उपभोक्ताओं को संचार सुविधा का लाभ मिलना बंद हो गया है। दूसरी ओर वोडाफोन के नेटवर्क से जुड़े स्थानीय एसबीआई, बीओबी बैंक शाखा, सहज जन सेवा केंद्र का कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित है। मामले में वोडाफोन कंपनी के आरएम से बात की गई तो उनका कहना था कि टॉवर ओवरलोड हैं। चौथा टॉवर लगवाने के बाद ही समस्या से उपभोक्ताओं को निजात मिल सकेगी।