सिंचाई के ऐन वक्त दगा दे गए 60 नलकूप
यांत्रिक और विद्युत दोष के चलते सूख रही किसानों की खेती
डीएम की सख्ती के बाद भी दूर नहीं की जा रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सिंचाई के ऐन वक्त पर जिले में स्थापित 60 राजकीय नलकूप किसानों को दगा दे गए हैं। यांत्रिक व विद्युत दोष के चलते बंद पड़े इन नलकूपों को ठीक नही कराया जा रहा। किसानों की शिकायत पर डीएम सख्ती तो बरत रहे हैं पर समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। बंद नलकूप के चलते सूख रही धान की फसलों को लेकर किसानों का हाल-बेहाल है।
जिले के किसानों का सहारा बन चुके राजकीय नलकूपों की संख्या मौजूदा समय में 372 है। इन राजकीय नलकूपों को सूबे की योगी सरकार ने जिले में स्थापित राजकीय नलकूपों को दुरुस्त रखने का फरमान जारी कर रखा है। शासन की मंशा के अनुरूप डीएम मनीष कुमार वर्मा द्वारा समय-समय पर बिजली व नलकूप विभाग की बैठक कर इसकी समीक्षा भी की जाती है। बावजूद इसके जिले भर के 60 से अधिक राजकीय नलकूप मौजूदा समय में पानी नहीं उगल रहे हैं। सिंचाई के ऐन वक्त पर इन नलकूपों में या तो यांत्रिक खराबी है या फिर विद्युत दोष के चलते ठप पड़े हैं। राजकीय नलकूपों के ठप होने से आस-पास के खेतों में रोपी गई धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। दोपहर में मुरझा रही धान की फसलों को देख किसानों को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। मामले की शिकायत लेकर वह डीएम मनीष कुमार वर्मा के पास पहुंच रहे हैं। डीएम द्वारा महकमे के जिम्मेदारों को सख्त निर्देश भी दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके नलकूपों की खराबी को दूर नहीं किया जा रहा है। सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की फसलों को लेकर किसानों में हाहाकार मचा है।
इनसेट
103 नलकूप छोड़ रहे पानी
जिले में स्थापित 372 राजकीय नलकूपों में 103 को ऐसे हैं जो कुछ देर चलने के बाद पानी छोड़ देते हैं या फिर आधा पंप पानी दे रहे हैं। इसके पीछे विभागीय जिम्मेदारों का कहना है कि भू-गर्भ जलस्तर 80-90 फिट की जगह 110 पहुंच चुका है। ऐसे में कुछ देर चलने के बाद पंप पानी नहीं दे पाता। इन नलकूपों में मोटर व ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि करने के लिए चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। इनमें सुधार शासन से धन मिलने के बाद ही होगा सकेगा।
मोटर क्षमतावृद्धि के बाद भी नहीं चल पा रहे 12 नलकूप
राजकीय नलकूपों का भू-गर्भ जलस्तर नीचे खिसकने के बाद नलकूप विभाग ने दर्जनभर नलकूपों में पाइप बढ़वाते हुए मोटर क्षमतावृद्धि कर दी है। लेकिन ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि नहीं होने से मोटर नहीं चल पा रही है। मामले में जरिए डीएम बिजली विभाग के जिम्मेदारों को बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि किए जाने के लिए पत्र भेजा गया। पैसे के अभाव में बिजली विभाग भी ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि करने से हाथ खड़े किए हुए हैं। ऐसे में राजकीय नलकूप होने के बाद भी किसानों की फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही हैं।
सिंचाई बंधु की बैठक में छाया बंद नलकूपों का मुद्दा
मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में सिंचाई बंधु की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष अनामिका सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उन्होंने जिले में ठप पड़े राजकीय नलकूपों, बंद नहरों व लो-वोल्टेज की समस्या पर एक्सईएन से बातचीत की। साथ ही निर्देश दिया कि जल्द से जल्द राजकीय नलकूप चालू कराएं जाएं। ट्रांसफार्मर व मोटर क्षमता वृद्धि के अलावा लो-वोल्टेज पर सबसे अधिक जोर दिया। बैठक में मौजूद एक्सईएन विद्युत ने सप्ताह भर के भीतर वोल्टेज में सुधार का भरोसा दिलाया है।
क्या कहते हैं एक्सईएन
विभागीय आंकड़ों में यांत्रिक खराबी से पांच व विद्युत दोष से 29 नलकूप ठप हैं। 103 नलकूप भू-गर्भ जल स्तर नीचे खिसकने का शिकार हैं। इसका प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है। यांत्रिक खराबी से ठप नलकूपों को दो-चार दिन के भीतर ठीक करा दिया जाएगा। विद्युत दोष से बंद नलकूप की जानकारी डीएम को दे दी गई है।
शिव प्रकाश मौर्य, एक्सईएन नलकूप