करारी। कोतवाली क्षेत्र के भैला मकदूमपुर गांव में शनिवार सुबह एक युवक का शव गांव के बाहर पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकता मिला। मृतक के पैर घुटने के बल जमीन पर टिके थे। सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने शव देखा तो परिजनों व पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने खुदकुशी का मामला मानते हुए शव पोस्टमार्टम केे लिए भेज दिया है।
भैला मकदूमपुर गांव का अखिलेश (21) पुत्र ननकू पासी शुक्रवार की शाम गांव में ही दावत खाने जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह रात को घर नहीं लौटा। परिवार के लोगों के अनुसार उन्होंने सोचा कि अखिलेश जहां दावत में गया था वहीं रुक गया। यही सोचकर परजनों ने उसकी खोजबीन नहीं की। शनिवार सुबह गांव के लोग खेत की तरफ शौच के लिए गए तो अखिलेश का शव एक नलकूप के पास नीम के पेड़ पर रस्सी से बने फांसी के फंदे से लटका देखा। घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में पुआल पड़ा था।
वहीं, लाश के घुटने जमीन से टिके थे। ऐसे में हत्या कर शव फांसी पर लटकाए जाने की चर्चा रही। ग्रामीणों की सूचना पर परिवार के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। मामले की सूचना पर करारी कोतवाली पुलिस भी आ गई। पुलिस ने मामला खुदकुशी का मानकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
चार महीने पहले अखिलेश के छोटे भाई ने की थी खुदकुशी
करारी। भैला मकदूमपुर गांव का मृतक अखिलेश चार भाई था। बड़े भाई उमेश व महेश की शादी हो चुकी है। अखिलेश तीसरे नंबर का था। जिसने शुक्रवार की रात फांसी लगाकर जान दी। जबकि चौथे नंबर के दुर्गेश ने चार महीने पहले जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
दो जवान बेटों की मौत से कोहराम
करारी। भैला मकदूमपुर के ननकू पासी के ऊपर गम का पहाड़ टूट पड़ा। चार महीने पहले सबसे छोटे बेटे दुर्गेश ने जहर खाकर जान दे दी थी। मां-बाप दुर्गेश की मौत का गम नही भूल पाए थे कि शुक्रवार की तीसरे नंबर के बेटे अखिलेश ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। ननकू पासी रोते हुए कह रहा था कि आखिर उसने क्या बिगाड़ा था। जो उसके दो-दो जवान बेटे उसके सामने चले गए।
घर से लेकर निकला था रस्सी
करारी। भैला मकदूमपुर गांव में शुक्रवार को तीन शादी विवाह के कार्यक्रम थे। शाम को अखिलेश घर से निकलते समय तीनो शादी में शामिल होने की बात कहकर निकला था। रात में वह वापस घर वापस नही लौटा। परिजनों ने सोचा किसी के यहां शादी में रुक गया होगा। सुबह उसकी लाश मिली। जिस रस्सी से अखिलेश ने फांसी लगाई थी। उस रस्सी को कुछ दिन पहले बाजार से वह किसी काम के लिए लाया था। उसी रस्सी से अखिलेश ने फांसी लगाई थी।