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जेल की चौखट पर शर्मसार हुई मानवता

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जेल की चौखट पर शर्मसार हुई मानवता
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-बंदी बेटे को नहीं दिखा सके मृत मां की एक झलक
-जिला प्रशासन से गुहार भी नहीं हुई सार्थक, बैंरग लौटे परिजन
फोटो नं-9-
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिला कारागार की चौखट पर शनिवार को मानवता शर्मसार हुई। बंदी बेटे को मृत मां की एक झलक दिखाने के लिए शव लेकर पहुंचे परिजनों को मायूसी के साथ बैंरग लौटना पड़ा। जिला प्रशासन से गुहार भी सार्थक नहीं निकली। लाख मिन्नत के बाद सिर्फ भाई और दो रिश्तेदारों को मिलने की अनुमति जेल प्रशासन से मिली।
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आजाद नगर कानपुर निवासी धर्मेन्द्र सैनी (20) पुत्र रमेश सैनी को 18 दिसंबर की रात सैनी कोतवाली में गांजा तस्करी के जुल्म में गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। बताया जा रहा है कि पखवारे भर पहले धर्मेन्द्र की मां सरस्वती बेटे से मिलने के लिए जेल गई थी। पर, संयोगवश मुलाकात नहीं हो सकी। वापस लौटते समय कानपुर के समीप सड़क दुर्घटना में महिला घायल हो गई थी। जिसकी शुक्रवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मृत मां की एक झलक बेटे को दिखाने के लिए परिजन शनिवार सुबह शव लेकर जिला कारागार पहुंचे। जेल प्रशासन से बंदी धर्मेन्द्र को मृत मां की एक झलक दिखाने के लिए बाहर लाने की जिद पर परिजन अडे़ रहे। पर, किसी ने एक नही सुनी। जेल की चौखट पर मानवता के साथ ममता को शर्मसार होते देख लोग सन्न रह गए। जिला प्रशासन से लगाई गई गुहार कोई काम नहीं आई। सिर्फ परिजनों को ही मिलने की अनुमति जेल प्रशासन से मिली। देर शाम परिवार के लोग शव लेकर निराश लौट गए।
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क्या कहते हैं अफसर
शव से मुलाकात कराया जाना संभव नहीं था। बंदी से परिजनों को मिला दिया गया।
बीएस मुकुंद
जेल अधीक्षक
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