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आश्रम पद्धति शेषा के छात्रों ने शिक्षकों को किया बाहर

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शिक्षकों को बाहर कर छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला
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-विंटर ड्रेस और अन्य सुविधाएं न मिलने पर आश्रम पद्धति स्कूल शेषा के बच्चों का फूटा गुस्सा
-गेट पर ताला जड़कर बैठे छात्रों ने अफसरों को किया बैरंग
-प्रभारी डीएम के समझाने पर माने बच्चे, अफसरों ने ली राहत की सांस
करारी (ब्यूरो)। आश्रम पद्धति स्कूल शेषा के बच्चों का गुस्सा शुक्रवार सुबह फूट पड़ा। गुस्साए छात्रों ने पठन-पाठन बंद करते हुए सभी स्टाफ को स्कूल से बाहर कर दिया। इसके बाद गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन विंटर ड्रेस न मिलने व अन्य समस्याओं को लेकर किया। देर शाम पहुंचे सीडीओ के समझाने के बाद छात्रों ने गेट खोला तो स्कूल की व्यवस्था बहाल हो सकी।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा के बच्चों को जाड़े का ड्रेस जूता, मोजा, स्वेटर आदि अभी तक नहीं मिल सका है। ठंड को देखते हुए बच्चों ने कई बार जिला समाज कल्याण अधिकारी से इसकी मांग की। पर, ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा सुबह नाश्ते के नाम पर महज एक कप चाय व मेन्यू के मुताबिक भोजन भी नहीं दिया जा रहे हैं। समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार की सुबह एकराय होकर प्रधानाचार्य मदन मोहन सिंह, अधीक्षक कमलेश मौर्य, सुरक्षा में लगे पीआरडी जवानों व सभी 18 शिक्षकों, रसोइया को परिसर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद भूखे-प्यासे बच्चे स्कूल गेट पर बैठ गए। जानकारी मिलने पर डीपीआरओ कमल किशोर, जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजू सोनकर बच्चों को मनाने पहुंचे पर वह डीएम के आने के बाद भी मानने की बात कह रहे थे। इनके बाद एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी व सीडीओ/प्रभारी डीएम हीरालाल मौके पर पहुंचे। अफसरों ने बच्चों की बातें सुनी और समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया। आश्वासन पर बच्चों ने साढ़े सात बजे शाम विद्यालय गेट का ताला खोला। सीडीओ ने गेट खुलने के बाद अपनी मौजूदगी में भोजन बनवाना शुरू कराया और व्यवस्था पटरी पर आने के बाद लौटे। गेट खुलने के बाद दिनभर स्कूल परिसर से बाहर रहे स्टॉफ ने राहत की सांस ली।
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धन मिलने के बाद भी समय पर नहीं हुआ ई-टेंडर
आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों को जाड़े का ड्रेस दिए जाने के लिए शासन ने सितंबर माह में ही पैसा भेज दिया था। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी को ई-टेंडर कराते हुए ठंड शुरू होने से पहले जूता, मोजा, स्वेटर आदि का वितरण करा देना चाहिए था। विभागीय जिम्मेदारों ने ई-टेंडर प्रक्रिया देर से शुरू कराई। इसके चलते वितरण में देरी हो रही है। उधर ठंड बढ़ने के बाद भी जाड़े की ड्रेस नहीं मिलने पर बच्चों ने विरोध जताया तो मामला प्रकाश में आया। सीडीओ ने मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजू सोनकर से जवाब तलब किया है। देरी क्यों हुई इसमें दोषी पाए जाने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बच्चों ने जायज मांग को लेकर कदम उठाया है। वे शांतिपूर्वक गेट पर बैठे थे। जाड़े का ड्रेस वितरण अभी तक न हो पाना जिला समाज कल्याण अधिकारी की लापरवाही को उजागर कर रहा है। मामले में उन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। लापरवाही प्रकाश में आने के बाद अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
हीरालाल, सीडीओ/ प्रभारी डीएम
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