पंद्रह हजार पीएम आवास के निर्माण पर संकट
बालू की किल्लत के चलते नहीं बन पा रहे गरीबों के आशियाने
खाते में धनराशि होने के बाद भी नहीं करा पा रहे निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दो साल में जिले के 15 हजार 563 गरीबों के लिए भेजे गए प्रधानमंत्री आवास पर निर्माण का संकट खड़ा हो गया है। खाते में धनराशि पहुंचने के बाद भी लाभार्थी अपना आशियाना नहीं बना पा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण बालू की किल्लत। बालू तीन गुना महंगी कीमत पर बिक रही है, इससे ग्रामीण आवास नहीं बनवा पा रहे हैं।
जिले के गरीबों के लिए केंद्र सरकार ने दो वित्तीय वर्षों में 15 हजार 563 आवास का लक्ष्य भेजा। इसमें वित्तीय वर्ष 16-17 में 9819 गरीबों के तो चालू वित्तीय वष में 5744 गरीबों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया। पिछले वित्तीय वर्ष के 9519 लाभार्थियों का चयन कर धनराशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है। इसमें से महज 1200 लाभार्थियों ने लिंटर स्तर तक निर्माण कार्य कराया। इसके बाद बालू न मिलने से लाभार्थियों का आवास अधर में लटका है। चालू वित्तीय वर्ष के 5744 लक्ष्य के सापेक्ष 2260 लाभार्थियों की धनराशि जारी हो चुकी है। लेकिन बालू के अभाव में एक भी लाभार्थी आवास का निर्माण नहीं शुरू कर पा रहा है। इसस गरीबों के आशियाने पर बालू की किल्लत के चलते निर्माण का संकट खड़ा हो गया है। जिले के जिम्मेदार हैं कि वह पीएम आवास के लाभर्थियों के सामने खड़ी बालू की समस्या को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं दिख रहे हैं। अफसरों के रवैये से फिलहाल अक्टूबर माह तक आवास निर्माण शुरू हो पाएगा संभव नहीं दिख रहा है।
इनसेट
अपनी गर्दन बचाने में जुटे अफसर
केंद्र व राज्य सरकार का सबसे अधिक जोर जिले को ओडीएफ बनाने पर है। सूबे की सरकार ने जिले को 31 दिसंबर तक ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा है। इस कारण पंचायती राज विभाग सहित जिले के सभी जिम्मेदार गांवों में निर्धारित शौचालय निर्माण को पूरा करने में जुटे हैं। मौजूदा समय में डीएम ने दो पट्टेधारकों को इस शर्त पर प्रपत्र सी जारी किया कि वह डंप की गई बालू निर्धारित रेट पर सिर्फ ग्राम प्रधानों को ही बेचेंगे। इसके चलते पीएम आवास के लाभार्थियों को डंप से बालू नहीं मिल पा रही है।
यमुना घाटों पर खनन शुरू होने का करना होगा इंतजार
जिले में बालू की किल्लत के चलते प्रधानमंत्री आवास की रकम पाने वाले लाभार्थियों को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए अभी डेढ़ माह और इंतजार करना होगा। जिले के आठ बालू घाटों पर खनन कार्य एक अक्तूबर से शुरू होगा। इसके बाद ही पीएम आवास के लाभार्थियों को बालू मिल पाना संभव होगा। ऐसे में डेढ़ माह तक वह आवास का निर्माण करा पाएंगे इस बाबत सोचना खयाली पोलाव के बराबर है।
क्या कहते हैं अधिकारी
दोनो वित्तीय वर्ष में दिए गए पीएम आवास की किस्त इस साल मई व जून माह में ही आई है। किस्त देर से मिलने के चलते धनराशि सेंसन नहीं हो सकी थी। अब तक 11779 लाभार्थियों की धनराशि सेंशन हो चुकी है। बालू उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराया जाएगा।
राजेश कुमार मिश्र, पीडी