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पूरामुफ्ती पुलिस ने सीआरपीएफ संग किया फ्लैग मार्च

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पूरामुफ्ती पुलिस ने सीआरपीएफ संग किया फ्लैग मार्च
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चायल (ब्यूरो)। लोकसभा चुनाव की अचार संहिता लगने के बाद शनिवार को पूरामुफ्ती कोतवाली के दर्जन भर से ज्यादा संवेदनशील गांवों और बाजारों में पुलिस ने सीआरपीएफ जवानों संग दिन भर एरिया डोमिनेशन किया। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरामुफ्ती के मनौरी, सल्लाहपुर, मंदरी, तियरा, महंगाव, हथवा, असरौली समेत पूरे इलाके में पैदल व गाड़ी से सघन गश्त कर लोगों को मतदान के दौरान सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे सीओ चायल राजकुमार त्रिपाठी व सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट हरिशंकर ने जनता को शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव कराने का आश्वासन दिया। अफसरों ने चेताया कि चुनाव में किसी तरह के असामाजिक तत्वों की हरकतें बर्दाश्त नही की जाएंगी। इस दौरान सीआरपीएफ जवानों के साथ प्रभारी थानाध्यक्ष पूरामुफ्ती मनीष कुमार पांडेय व चौकी इंचार्ज सल्लाहपुर शिवकुमार मिश्रा कोतवाली की पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
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बिजली, पानी सड़क नहीं, तो वोट नहीं
बदहाल बुनियादी सुविधाओं से नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की दी चेतावनी
फोटो नं-
चायल। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से 18 वर्ष पहले बनी सड़क मरम्मतीकरण न होने से गड्ढों में तब्दील हो गई। जनप्रतिनिधियों से लगातार शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं कराए जाने से खफा मोहीउद्दीनपुर बहुंगरी के ग्रामीणों ने शनिवार को बैठक कर लोकसभा चुनाव में मतदान के बहिष्कार का एलान किया है।
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विकास खंड नेवादा के मोहिद्दीनपुर बहुंगरी गांव में वर्ष 2001 में कार्यदायी संस्था आरईएस ने एक किलोमीटर संपर्क मार्ग का निर्माण कराया था। यह सड़क गांव को प्रयागराज-मंझनपुर मार्ग स्थित बेनीराम कटरा से जोड़ती है। गुजरे 18 सालों से मरम्मत नहीं कराए जाने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गांव के ज्ञान सिंह, विनोद सिंह, दहाड़ी सिंह, राजकुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई। लेकिन पर, सड़क मरम्मत कराने को लेकर किसी ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। गड्ढा मुक्त अभियान में भी सड़क के गड्ढे नही भरे गए। इसके चलते ध्वस्त सड़क से आवागमन करने में हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा गांव में बिजली और पेयजल की भी किल्लत है। अपनी इन सभी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को बैठक कर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव में किसी भी प्रत्याशी को प्रचार के लिए गांव में घुसने भी नहीं दिया जाएगा। बैठक में मान सिंह, उदयभान, राजकरण, धर्मेंद्र, जयसिंह, गोवर्धन, शिवम आदि ग्रामीण शामिल रहे।
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